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युवक की फरसे से हत्या में तीन आरोपित गिरफ्तार

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युवक की फरसे से हत्या में तीन आरोपित गिरफ्तार
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हर्रैया/बस्ती। थाना क्षेत्र के अजगरा गांव के संतोषी पुरवा में शुक्रवार को जमीन के विवाद को लेकर फरसे से हुई हत्या में नामजद तीन आरोपितों को पुलिस ने सोमवार को गिरफ्तार कर लिया। इनमें लक्ष्मण वर्मा ,अमरनाथ वर्मा व गंगाराम वर्मा निवासी अजगरा बांसगांव थाना हर्रैया शामिल हैं। एसपी ने बताया कि तीनों को अमारी बाजार तिराहे से गिरफ्तार किया गया। अभी आठ आरोपी फरार हैं जिनकी तलाश की जा रही है।
बता दें कि शुक्रवार सुबह करीब साढ़े सात बजे वहां के राम अजोर का बड़ा लड़का अमरनाथ चौधरी (35) बगल के गांव से ट्रैक्टर लाकर विवादित जमीन में जुताई करवाने लगा। परिवार वालों के मुताबिक इसी बात से दूसरे पक्ष के लक्ष्मन, घनश्याम, राम स्वारथ, रामदीन, गंगाराम व परिवार की महिलाओं समेत करीब 10 लोग रोकने पहुंच गए। इन लोगों ने अमरनाथ से खेत मापी कराकर जुताई करने को कहने लगे। इस दौरान हुई कहासुनी के बीच किसी ने अमरनाथ पर फरसे से वार कर दिया। हल्ला गुहार सुनकर अमरनाथ की पत्नी किरण, पुत्र गोलू, चाचा रामानंद व चचेरा भाई विनोद दौड़कर खेत में पहुंचे। किरन अपने पति को बचाने के लिए शरीर पर लेट गई तो उस पर भी हमलावरों ने वार कर दिया। घटना में रामानंद, विनोद व गोलू भी घायल हो गए। दिन दहाड़े हुई घटना से क्षेत्र में सनसनी फैल गई। सूचना पर घटनास्थल पहुंची पुलिस सभी को सीएचसी लाई। जहां चिकित्सकों ने अमरनाथ को मृत घोषित कर दिया। इस मामले में मृत अमरनाथ की पत्नी किरन देवी की तहरीर पर राम स्वारथ, गंगा राम, रामदीन, लक्ष्मन, घनश्याम, अमरनाथ पुत्र रामसुख, अनिल, राम संवारे, सकल नरायन, विवेक व गीता देवी पत्नी लक्ष्मन के विरुद्ध बलवा, हत्या समेत अन्य धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया था।
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यह था विवाद
अजगरा गांव निवासी राम अजोर व रामानंद सगे भाई हैं। जिनकी बगल में रहने वाले लक्ष्मन व राम स्वारथ से जमीन को लेकर अदावत चल रही है। गांव वालों के मुताबिक राम स्वारथ ने अपने हिस्से की जमीन पर घर बनवा लिया है। राम अजोर व रामानंद के बाग मालिकान नंबर में रास्ते को लेकर दोनों पक्षों में पहले भी विवाद हुआ। जिस पर गांव में हुई पंचायत में राम स्वारथ के पट्टीदारों को आने जाने के रास्ता दिए जाने पर दोनों पक्ष सहमत हो गए। मगर करीब दो माह पहले दोनों पक्षों में फिर कहासुनी हो गई। मामला थाने भी पहुंचा तो पुलिस ने राम अजोर को रास्ता छोड़कर अपने हिस्से की जमीन पर खेतीबारी करते रहने को कहते हुए विपक्षी को हस्तक्षेप न करने का निर्देश दिया। जिसके बाद राम अजोर ने करीब दो बीघे जमीन में सरसों की बुआई की थी। उसी जमीन पर जुताई को लेकर शुक्रवार को विवाद हुआ था।
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