चारों तहसीलों के एसडीएम से डीपीआरओ ने मांगी जमीन
प्लास्टिक के कचरे को रिसाइकिल कर दूसरे प्रयोग में लेगी सरकार
संवाद न्यूज एजेंसी
बस्ती। जनपद के प्रत्येक ब्लॉक में प्लास्टिक वेस्ट मैनेजमेंट यूनिट स्थापित की जाएगी। इसमें ग्रामीण क्षेत्रों से निकलने वाले प्लास्टिक कचरे का निस्तारण किया जाएगा। प्रत्येक यूनिट की स्थापना पर सरकार 16 लाख खर्च करेगी। इसके लिए पंचायत राज विभाग ने चारों तहसीलों के एसडीएम से जमीन की मांग की है।
ग्रामीण क्षेत्रों से निकलने वाले पॉलिथीन कचरे के निस्तारण के लिए शासन ने ठोस कदम उठाए हैं। ऐसे में पॉलिथीन कचरे के निस्तारण के लिए जिले के सभी 14 ब्लॉकों में प्लास्टिक वेस्ट मैनेजमेंट यूनिट की स्थापना की जानी है, ताकि ग्रामीण इलाकों को पॉलिथीन के प्रदूषण से मुक्त किया जा सके।
जानकारी के अनुसार, सरकार पॉलिथीन पर प्रतिबंध लगा चुकी है। मगर, इसके प्रयोग को रोकने के लिए प्रभावी कदम नहीं उठाए जा रहे हैं। प्रतिबंध के बावजूद पॉलिथीन का धड़ल्ले से उपयोग हो रहा है। ब्लॉक स्तर पर स्थापित होने वाले प्लास्टिक वेस्ट मैनेजमेंट यूनिट में मशीनों के माध्यम से प्लास्टिक कचरे की रिसाइकिल होगी।
इसके बाद इसका प्रयोग सड़क बनाने सहित अन्य कार्यों में किया जाएगा। स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) के जिला समन्वयक राजा शेर सिंह ने बताया कि मिशन के फेज-2 के तहत ओडीएफ प्लस गतिविधियों में प्लास्टिक के कचरे का प्रबंधन किया जाना है। इसी के तहत सभी ब्लॉकों में एक-एक यूनिट की स्थापना की जानी है।
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कोट
प्लास्टिक वेस्ट मैनेजमेंट यूनिट की स्थापना सभी ब्लॉकों में की जानी है। इसके लिए राजस्व विभाग से जमीन की मांग की गई है। जमीन मिलते ही निर्माण कार्य शुरू करा दिए जाएंगे।
-रतन कुमार, डीपीआरओ