रामपुर-कलवारी तटबंध के उत्तर जमीन आवंटित करने की प्रशासनिक तैयारी शुरू
कुछ लोगों ने सरकारी भूमि पर कर रखा था अवैध कब्जा, प्रशासन ने चलवाया बुलडोजर
संवाद न्यूज एजेंसी
गायघाट। मदरहवा और मईपुर बड़कापुरवा के बाढ़ पीड़ितों को विस्थापित करने की प्रशासनिक तैयारी शुरू कर दी गई है। रामपुर-कलवारी तटबंध के उत्तर ऊंचाई पर स्थित सरकारी जमीन बाढ़ पीड़ितों में आवंटित की जाएगी। यहां कुछ लोगों का अवैध कब्जा था। रविवार को नायब तहसीलदार वीर बहादुर सिंह के नेतृत्व में बुलडोजर के साथ टीम पहुंच।
इस दौरान आवंटन के लिए चिह्नित जमीन अवैध कब्जे से खाली कराई गई। पुलिस फोर्स के साथ पहुंची टीम अवैध कब्जे पर बुलडोजर चलाना शुरू कर दिया। इइससे कब्जेदारों में हड़कंप मच गया। जिला प्रशासन द्वारा कलवारी-रामपुर तटबंध के उत्तर बैराड़ी एहतमाली में बाढ़ पीड़ितों को विस्थापित करने के लिए जमीन एक साल पहले ही चिह्नित कर ली गई थी।
तत्कालीन डीएम प्रियंका निरंजन ने इस गांव के गाटा संख्या 896 में 468 हेक्टेयर लगभग 37 बिस्वा जमीन को खाली कराने के लिए नोटिस भी जारी किया था। बावजूद एक दर्जन अवैध कब्जा नहीं हटाया गया। इस बार जब बाढ़ ने फिर तबाही मचाई तो मईपुर और मदरहवा के ग्रामीणों को गांव छोड़कर अन्यत्र शरण लेना पड़ा। विस्थापन की मांग को लेकर ग्रामीणों ने प्रदर्शन तक किया।
इसके बाद प्रशासन हरकत में आया और विस्थापन की कार्रवाई तेज कर दी है। नायब तहसीलदार के अलावा कानूनगो अंगद वर्मा, लेखपाल वीर चंद चौधरी, दिलीप पटेल, विकास मौर्य, विनोद मौर्य एवं पुलिस की मौजूदगी में चिह्नित जमीन को कब्जे से मुक्त कराया गया। इस दौरान छप्पर और टीन शेड के मकान ध्वस्त कर दिए गए। नायब तहसीलदार ने बताया कि भूमि आवंटन की प्रक्रिया जल्द शुरू कर दी जाएगी।