कागजात के फेर में उलझ गई 12 सौ नमूनों की जांच
बस्ती। अपने कारनामों के लिए सुर्खियों में रहने वाला स्वास्थ्य विभाग कोरोना जांच में लापरवाही को लेकर चर्चा में है। यहां 48 घंटे में मात्र 44 नमूना जांच के लिए मेडिकल कॉलेज भेजा जा सका है। जबकि अस्पताल में 12 सौ नमूने जांच के लिए रखे हैं।
कोरोना सेल के जिम्मेदार बताते हैं कि कागज न होने के कारण कंसाइनमेंट नहीं बन सका नतीजतन नमूना जांच के लिए नहीं भेजा जा सका है। अब कागज मिल गया है। ब्योरा आदि लिखकर रविवार को नमूना भेजा जा सकेगा।
सरकार कोरोना को लेकर संवेदनशील है। इधर चौथी लहर की संभावना को देखते हुए सतर्कता के निर्देश भी दिए हैं, मगर अपने जिले में स्थिति अलग है। यहां जांच को लेकर ही आपस में खींचतान है। इसी खींचतान का परिणाम है कि छह व सात मई को जो नमूना टीम ने जिले भर में एकत्रित किया था उसे जांच के लिए मेडिकल कॉलेज नहीं भेजा जा सका है। ऐसे में दो दिनों के भीतर करीब 12 सौ नमूने टीम ने एकत्रित किए, मगर इसे अब भी अस्पताल में ही रखा गया है। जांच के लिए दो दिन में मात्र 44 नमूने ही भेजे जा सके हैं। नमूना भेजने के लिए जिम्मेदार डॉ. रूपेश हलदार ने बताया कि कागज पर ब्योरा लिखकर भेजा जाता है, जिसमें करीब पचास से साठ पेपर लगते हैं। यहां कागज है नहीं ऐसे में इसे भेजा नहीं जा सका है। शनिवार शाम को कागज मिला है रविवार को नमूना भेजा जाएगा।
बोले, सर्विलांस अफसर
कोरोना के सर्विलांस अफसर नोडल अधिकारी डॉ. सीके वर्मा ने कहा कि जरूरत के सभी संसाधनों की मांग पहले से ही की जा रही थी। लेकिन, स्टोर से कागज नहीं मिला सका। लिहाजा यह स्थिति सामने आई है।
बोले, सीएमओ
सीएमओ डॉ. चंद्रशेखर ने कहा कि मामला संज्ञान में है। यह स्थिति क्यों पैदा हुई, इसकी जांच कराई जाएगी।