पिता बोले- भाड़े के हत्यारों से कराई वारदात
सुजीत के फोन पर 22 जनवरी की शाम किसी परिचित ने कॉल करके उन्हें बारह पत्थर चौराहे पर बुलाया था। घरवालों के अनुसार इसके बाद से ही वह लापता हो गया। उसका मोबाइल भी स्विच ऑफ हो गया। पुलिस को सूचना देने के बाद घरवाले सुजीत की तलाश में जुट गए।
बताते हैं कि शक के आधार पर घरवालों ने मदनापुर निवासी एक युवक को पकड़कर पुलिस को सौंप दिया। इसके बाद अन्य लोग हिरासत में लिए गए। कमलेश्वर सिंह ने बताया कि पकड़े गए लोगों ने रुपये लेकर उनके बेटे की हत्या करने की बात पुलिस को बताई है। घटना को आत्महत्या का रूप देने के लिए शव पटरी किनारे डाला गया है।
करीबियों पर ही हत्या का शव
कमलेश्वर सिंह का बड़े बेटे अजीत सिंह और मंझले सुजीत अपने परिवार के साथ एक ही मकान में रहते हैं, जबकि सबसे छोटा सुधीर दूसरे मकान में रहता है। कमलेश्वर अलग मकान में रहते हैं। कमलेश्वर मूल रूप से हरदोई के गांव दिबन्नापुर के रहने वाले हैं। वहां उनकी काफी जमीन है।
उन्होंने यहां भी काफी प्रॉपर्टी बना ली है। बताते हैं कि एक खेत को लेकर अजीत और सुजीत के बीच विवाद चल रहा था। कई बार झगड़ा भी हो चुका था। बड़े भाई की ससुराल जलालाबाद के पास गांव रूपापुर में है। इस मामले में हस्तक्षेप करने के कारण अजीत को छोड़कर बाकी घरवालों के रूपापुर के रिश्तेदारों से संबंध खराब चल रहे थे।