बरेली। महिलाओं की किटी को अब नया नाम मिल चुका है। अब इसे थीम पार्टी या थीम किटी के नाम से जाना जा रहा है। बीते 10 साल से किटी का मतलब सिर्फ एक-दूजे के घरों में जाकर चाय-नाश्ता होता था। किसी एक महिला के नाम की किटी निकलती थी, लेकिन अब चीजें बदल गई हैं। एक-दूजे से मिलने के तरीके में भी नयापन आया है।
अब थीम पर पहले निर्णय होता है, फिर किटी मनाई जाती है। डेनिम, बर्थडे, करवाचौथ, सोशल मीडिया आदि थीम निर्धारित कर महिलाएं उसी के मुताबिक पहनावा, ज्वेलरी व हेयरस्टाइल बनाकर पहुंचती हैं। वहीं हाउजी या तंबोला जैसे खेल आज भी महिलाओं के बीच पसंदीदा बने हुए हैं। इनरव्हील की मंडल सचिव नीलू मिश्रा ने बताया कि क्लबों से जुड़ीं अधिकतर महिलाएं गृहिणी हैं, जिन्हें अपने लिए समय नहीं मिलता। किटी के जरिये वह एक-दूजे को जानती हैं। थीम पर गेम भी आयोजित होते हैं। संवाद
-
क्लब से जुड़कर बढ़ी सामाजिक जिम्मेदारी
इनरव्हील क्लब ऑफ बरेली साउथ की सदस्य मनीषा मेहरा का कहना है वह तीस सालों से क्लब से जुड़ी हैं। इसमें अपनापन है। पहले सामान्य रूप से एक-दूसरे के घर जाकर किटी करते थे, लेकिन संस्थाओं से जुड़ने के बाद हमारी सामाजिक जिम्मेदारी पहले से बढ़ गई है।
इनरव्हील क्लब ऑफ बरेली जुपिटर की अध्यक्ष रचना सक्सेना ने बताया कि सालभर त्योहारों पर पूरे देश में एक जैसी थीम निहित होती है। इस पर क्लब अपनी रचनात्मकता दिखाते हैं। प्रोजेक्ट में एक समाज कल्याण का भी कार्य करते हैं। हर माह एक बैठक व एक प्रोजेक्ट निर्धारित होता है।