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हाफिजगंज में पांच रुपये का लालच देकर जुटाई महिलाओं की भीड़

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हाफिजगंज स्कूल में पहुंची महिलाएं। - फोटो : HAFIZGANJ
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हाफिजगंज। भोजीपुरा के बाद सोमवार को हाफिजगंज में भी आचार संहिता की जमकर धज्जियां उड़ाई गईं। सरकारी जूनियर हाईस्कूल में हुए एक कार्यक्रम में पांच-पांच सौ रुपये का लालच देकर सैकड़ों महिलाओं को बुलाने के बाद उन्हें एक फार्म देकर उनके एकाउंट, आधार और फोन नंबर का ब्योरा इकट्ठा कर आयोजक गायब हो गए। लोगों ने पुलिस और प्रशासन के अफसरों से शिकायत की लेकिन कोई नहीं पहुंचा। देर शाम पुलिस ने तो ऐसा कोई कार्यक्रम होने से ही इनकार कर दिया।
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महिलाओं को दिए गए फार्म के मुताबिक यह कार्यक्रम यूपी इंडस्ट्रियल कंसल्टेंट लिमिटेड की ओर से कस्बे के सरकारी जूनियर हाईस्कूल में आयोजित किया गया था। प्रशासन से इसकी कोई अनुमति नहीं ली गई थी। सुबह ही कस्बे के साथ आसपास के गांवों में सूचना फैली कि हाफिजगंज के जूनियर हाईस्कूल में महिलाओं को एक फार्म भरने पर पांच-पांच सौ रुपये बांटे जाएंगे तो एकाएक भीड़ उमड़ पड़ी। दोपहर तक स्कूल में सैकड़ों महिलाएं पहुंच गई जो फार्म लेने के लिए एक-दूसरे से धक्कामुक्की करती रहीं। दोपहर करीब 12 से शाम पांच बजे तक स्कूल में महिलाओं से फार्म भरवाए जाते रहे।
महिलाओं से इस फार्म पर नाम-पता, पति-पिता का नाम, फोन नंबर, बैंक एकाउंट का पूरा ब्योरा, और आधार नंबर जैसा विवरण भरवाया गया। इसके साथ उनसे चेक की प्रति भी ली गई। महिलाओं की इस कदर भीड़ उमड़ी कि शाम पांच बजे फार्म ही खत्म हो गए। इसके बाद आयोजक फार्म इकट्ठे कर खिसक गए। इस बीच कुछ लोगों ने पुलिस और प्रशासन को अफसरों को बगैर अनुमति के अवैध रूप से कार्यक्रम आयोजित किए जाने की शिकायत की लेकिन न पुलिस मौके पर पहुंची न कोई अफसर। शाम इंस्पेक्टर हाफिजगंज प्रदीप कुमार ऐसे किसी आयोजन की जानकारी होने से ही इनकार कर दिया। समाजसेवी जितेंद्र गंगवार और एडवोकेट यूनुस अल्वी ने प्रशासन से इस मामले की जांच कराकर कार्रवाई की मांग की है।
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आयोजक बोले- जिला उद्योग केंद्र की
योजना, उपायुक्त ने किया इनकार
देर शाम कार्यक्रम के आयोजक अब्दुल कयूम से फोन पर बात हुई तो उन्होंने बताया कि यह कार्यक्रम जिला उद्योग केंद्र के सहयोग से कौशल विकास योजना के तहत महिलाओं में जागरूकता के लिए आयोजित किया गया था। महिलाओं को बांटे गए फार्म भी इसी योजना से संबंधित थे। उन्होंने महिलाओं को पैसे बांटने की सूचना प्रसारित किए जाने से इनकार किया। उधर, उद्योग विभाग के उपायुक्त ऋषि रंजन ने बताया कि जिला उद्योग केंद्र ऐसा कोई कार्यक्रम नहीं चला रहा है। आचार संहिता के दौरान तो ऐसा कोई कार्यक्रम आयोजित करने का सवाल ही नहीं उठता।
फार्म भी संदिग्ध, संस्था का रजिस्ट्रेशन
नंबर नहीं, विवरण भी विरोधाभासी
महिलाओं से भरवाए गए फार्म पर ऊपर ही उत्तर प्रदेश सरकार के लोगो के साथ संस्था का मोटे अक्षरों में नाम छपा हुआ है। इसके नीचे कार्यक्रम का उद्देश्य मिशन शक्ति के तीसरे चरण ‘निर्भया एक पहल’ के तहत महिलाओं की उनके कार्यस्थल पर सुरक्षा एवं सशक्तीकरण के लिए तीन दिवसीय कौशल क्षमता विकास और एक दिवसीय जागरूकता अभियान बताया गया है। फार्म पर संस्था का कोई रजिस्ट्रेशन नंबर नहीं है। नीचे बैंक एकाउंट और आधार से संबंधित जो ब्योरा भरवाया गया है, वह भी ऊपर बताए गए उद्देश्य से मेल नहीं खाता। इसके अलावा आवेदकों से यह भी पूछा गया है कि वे मुद्रा योजना के तहत लोन लेने की इच्छुक हैं या नहीं।
कोविड गाइड लाइन भी बनी मजाक
कार्यक्रम में कोविड गाइड लाइन की भी शुरू से आखिर तक धज्जियां उड़ती रहीं। मास्क लगाए बगैर पहुंची महिलाएं भीड़भाड़ में फार्म लेने के लिए धक्कामुक्की करती रहीं लेकिन न किसी ने उनसे मास्क लगाने को कहा न ही आपसी दूरी बनाने की हिदायत दी।
इस मामले की जानकारी नहीं है लेकिन सरकारी योजना के नाम पर ऐसा किया गया है तो यह संगीन मामला है। मंगलवार को मैं खुद मौके पर जाकर मामले की जांच करूंगा। इस मामले में कार्रवाई भी की जाएगी। - राजीव कुमार शुक्ला, एसडीएम नवाबगंज
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