फतेहगंज पश्चिमी (बरेली)। दिल्ली हाईवे पर धनेटा फाटक के पास एक्सीडेंट के बाद जब पिकअप वाहन की तलाशी ली गई तो पुलिस से लेकर स्थानीय लोग तक चकित रह गए। उसमें पशुओं के पैर ठूंसकर भरे हुए थे। पुलिस से हिंदू संगठन के लोगों की तीखी नोकझोंक भी हुई। पुलिस ने चालक को हिरासत में ले लिया।
बृहस्पतिवार सुबह बरेली से गोवंशीय पशुओं के करीब डेढ़ हजार कटे पैर लादकर एक पिकअप वाहन रामपुर जा रहा था। फतेहगंज पश्चिमी में टोल टैक्स से बचने के लिए चालक ने पिकअप को शाही होते शीशगढ़ मार्ग पर निकाला। वाहन धनेटा फाटक से गुजर रहा था। उसी दौरान रामपुर की ओर मुड़ने से वहां खड़ी रोडवेज बस में पीछे से टक्कर मार दी। इससे पिकअप के पीछे चल रहा दूसरा वाहन पीछे से पिकअप में घुस गया। इस टक्कर से तेल पाइप फट गया और गाड़ी रुक गई।
टक्कर की आवाज सुन आसपास के लोग इकट्ठे हुए तो पाया कि पिकअप में बदबू आ रही थी। उसके पीछे का हिस्सा क्षतिग्रस्त होने से पशुओं के पैर दिखने लगे। लोगों ने पीछे का हिस्सा खोलकर देखा तो पिकअप में बेजुबान पशुओं के पैर भरे थे।
पुलिस से हुई नोकझोंक
- पशुओं के पैर देखकर लोगों ने हंगामा किया। रेलवे फाटक पर तैनात पुलिसकर्मियों ने पिकअप को कब्जे में ले लिया। थाना प्रभारी निरीक्षक प्रदीप कुमार चतुर्वेदी मौके पर पहुंचे। विश्व हिंदू महासंघ के जिला उपाध्यक्ष महिपाल गुर्जर, तहसील प्रभारी नवनीत गंगवार, निरंजन यदुवंशी, राष्ट्रीय बजरंग दल के जिलाध्यक्ष रोहित गंगवार, मुकेश गंगवार भी मौके पर पहुंचे। वह पशुओं का मेडिकल परीक्षण कराने के लिए डॉक्टर को मौके पर बुलाने के लिए अड़ गए। पुलिस थाना ले जाकर मेडिकल कराने के लिए कह रही थी। इसे लेकर हिंदू संगठन के कार्यकर्ता और पुलिस के बीच नोकझोंक हो गई।
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डॉक्टरों ने किया परीक्षण
हंगामे की सूचना पर सीओ मीरगंज अंजनी कुमार तिवारी भी भी मौके पर पहुंचे। पुलिस ने मीरगंज के पशु चिकित्साधिकारी अवधेश कुमार और फतेहगंज पश्चिमी के पशु चिकित्साधिकारी देश दीपक को बुला लिया। दोनों डॉक्टरों ने कटे पैर के सैंपल सीलकर पुलिस को सौंप दिए। महिपाल गुर्जर की तहरीर पर पुलिस ने बारादरी थाने के हजियापुर खजूर वाली मस्जिद निवासी साजिद हुसैन और जम्मू कश्मीर के जिला राजौरी थाना मंडी निवासी सरफराज अहमद पर पशु क्रूरता की रिपोर्ट दर्ज कर गिरफ्तार कर लिया। सीओ ने बताया कि शुक्रवार को उन्हें जेल भेजा जाएगा।
पुलिस की नाक के नीचे हो रही थी तस्करी
आरोप है कि बृहस्पतिवार को धनेटा हाईवे पर पकड़ी गई पिकअप बरेली शहर और हाईवे के दो थानों से गुजर चुकी थी। पुलिस को उसकी भनक तक नहीं लगी। पिकअप चालक ने बताया कि वह दसवीं बार में पकड़ा गया है। अगर पिकअप रोडवेज में नहीं घुसी होती तो पिछले नौ बार की तरह इस बार भी वह निकल जाता। बिना पुलिस के सहयोग से तस्कर कैसे निकल सकते हैं, इसे लेकर सवाल उठ रहे हैं। इलाके के लोगों में पुलिस की कार्यशैली के चलते आक्रोश है। हिंदू संगठन के कार्यकर्ताओं ने कहा कि सीएम और पुलिस के बड़े अधिकारियों से मिलकर शिकायत करेंगे।
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