बरेली। बारिश से हुए जलभराव का असर दिख रहा है। मठ लक्ष्मीपुर के आशियानों में जलभराव से दरार आ गई है और एक मकान धंस गया। वहीं जलनिकासी कराने के नगर निगम के दावे बारिश में धुल गए। कई इलाकों में जलभराव बरकरार है। नए नालों और नालियों के निर्माण और पुराने नालों की सफाई के साथ प्रस्तावित ड्रेनेज सिस्टम को धरातल पर उतारने के लिए काम होता तो यह हाल न होता।
मठ लक्ष्मीपुर में नाले बंद होने से खाली प्लाट तालाब बन गया। आसपास के मकानों की नींव में पानी घुस गया। स्थानीय निवासी पूनम के मकान के पीछे वाले हिस्से में दरार आ गई है। मकान गिरने के डर से पूरा परिवार के आगे हिस्से में रहने लगा है। रामबेटी के मकान का पीछे का हिस्सा धराशायी हो गया। कई मकान और गिरने का खतरा है। आशा देवी के घर में आधा आधा फुट पानी भरा है। जलभराव से आजिज महिलाएं बृहस्पतिवार को दोपहर नगर निगम पहुंची। उन्होंने कहा कि भाष्कर हाॅस्पिटल की ओर से आने वाला नाला मानसरोवर स्कूल के निकट बंद हो गया है। इससे जलभराव होता है। नाले की सफाई के नाम पर सिर्फ खानापूरी की गई। जलकल के अवर अभियंता अजीत सिंह ने महिलाओं से कहा कि वे शुक्रवार पंप से पानी निकलवाएंगे।
मुंशीनगर की ज्योति गुप्ता ने बताया कि नगर आयुक्त और कई अधिकारी दौरा कर चुके हैं,लेकिन जलभराव खत्म नहींं हुआ। दो साल से यही हाल है। आसपास के मार्ग ऊंचे बना दिए गए। मुख्य मार्ग जलमग्न रहता है। नेकपुर गौटिया में बारिश का जलभराव लोगों के लिए मुसीबत बना है।