बरेली। सीबीगंज परसाखेड़ा औद्योगिक क्षेत्र में बिजली आपूर्ति सुचारु न होने से प्रभावित हो रहे कारोबार प्रकरण पर मंडलायुक्त की नाराजगी के बाद बिजली अफसर चेते। बृहस्पतिवार को अफसरों ने उद्यमियों संग औद्योगिक क्षेत्र का निरीक्षण कर समस्याओं की सूची बनाई। समाधान का आश्वासन दिया।
उद्यमियों के मुताबिक परसाखेड़ा औद्योगिक क्षेत्र को रोड नंबर के अनुसार बांटा गया है। इसी तर्ज पर प्रत्येक रोड पर एक कटआउट हब बनाया है। किसी एक फैक्टरी की बिजली बाधित होने पर उस रोड की सभी फैक्टरियों का संचालन ठप हो जाता है। वहीं, औद्योगिक क्षेत्र के पीछे की ओर स्थापित उद्योगों में अधिकतम चार से छह घंटे ही बिजली आपूर्ति होती है। उद्यमियों ने एक्सईएन सुरेंद्र गौतम, एसडीओ व जेई को समस्या दर्ज कराई। एक्सईएन ने क्षेत्र के उपकेंद्र पर एक-एक जेई व लाइनमैन की नियमित तैनाती की बात कही। बता दें कि अमर उजाला औद्योगिक क्षेत्र में बिजली आपूर्ति की समस्या को प्रमुखता से प्रकाशित कर रहा है। संज्ञान लेकर मंडलायुक्त ने उद्योग बंधु की बैठक में बिजली अफसरों को हिदायत दी थीं।
लाइन दुरुस्त करने के लिए न सीढ़ी, न रस्सी
औद्योगिक क्षेत्र के उपकेंद्र पर नियमित तैनाती न होने से बिजली ट्रिपिंग या फाल्ट होने पर उसे ठीक करने के लिए प्रयोग होने वाला सभी सामान सीबीगंज स्टोर पहुंचा दिया है। निरीक्षण के दौरान पता चला कि उपकेंद्र पर सीढ़ी और रस्सी तक नहीं है। लिहाजा, बिजली जाने पर इसे दुरुस्त करने के लिए करीब घंटे भर इन छिटपुट सामानों की व्यवस्था में लगता है। जो मुस्तैदी में लेटलतीफी की वजह बनता है।
उद्यमियों ने दिए सुझाव, समाधान की मांग
निरीक्षण के बाद एक औद्योगिक प्रतिष्ठान में बिजली अधिकारियों के साथ उद्यमियों की बैठक हुई। उन्होंने बिजली आपूर्ति सुचारु का सुझाव दिया। इसमें नियमित तैनाती समेत जरूरी उपकरण स्टोर पर मुहैया होने, पेड़ों की छंटाई, जर्जर लाइन बदलने की बात कही। यहां आईआईए चेयरमैन मयूर धीरवानी समेत विमल रिवाडी, सुरेश सुंदरानी, राकेश धीरवानी, शरद अग्रवाल, एएन सिंह, कपिल अन्य मौजूद रहे।