बरेली। मुख्यमंत्री ग्रीन रोड इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट (सीएम ग्रिड) योजना के पहले चरण में लापरवाही का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है। योजना के तहत बिना किसी ठोस प्लानिंग के आनन-फानन में काम निपटाने की जल्दबाजी ने सरकार के करोड़ों रुपयों पर पानी फेर दिया है। आलम यह है कि स्टेडियम रोड पर करीब 25 साल पुरानी मुख्य पानी की पाइप लाइन को बदले बिना ही उसके ऊपर नई सड़क का निर्माण कर दिया गया। पुरानी और जर्जर लाइन होने के कारण अब उसमें जगह-जगह लीकेज शुरू हो गया है, जिससे नवनिर्मित सड़कें धंसने लगी हैं, उसे बार बार खोदना पड़ रहा है। कुछ दिन पहले भी पानी की लाइन फट चुकी है।
सीएम ग्रिड के तहत काम शुरू करने से पहले ठेकेदार को जलकल और अन्य विभागों के साथ समन्वय बनाकर पुरानी लाइनों को बदला जाना था, लेकिन ठेकेदार ने जल्दबाजी के चक्कर में पूरी योजना पर दाग लगा दिया। कई जगहों पर बिना किसी तकनीकी सत्यापन के ही सीवर और पाइप लाइन बिछाने का काम कर दिया गया। कुष्ठ आश्रम के आसपास कई जगह सीवर, पानी और बिजली की लाइनें एक साथ ही डालने का मामला पहले ही सामने आ चुका है, जिससे भविष्य में हादसों का खतरा बना हुआ है। 25 साल पुरानी मुख्य पाइप लाइन के ऊपर लापरवाही से सड़क बनाई गई है, वह शहर की लाइफलाइन मानी जाती है। इसी मुख्य लाइन से संजय नगर, डीडीपुरम और राजेंद्र नगर जैसे शहर के कई पॉश इलाके जुड़ते हैं। पानी न आने से करीब 1.5 लाख से अधिका की आबादी प्रभावित रही। शाम को लाइन ठीक हाेने के बाद पानी की आपूर्ति शुरू हो पाई। नगर आयुक्त संजीव कुमार मौर्य ने बताया कि मुख्य जल की लाइन में टूट गई थी जिसे ठीक कराया गया है। सीएम ग्रिड के दौरान पड़ी जल लाइनों को मुख्य लाइन से जोड़ने का काम किया जाएगा।