बरेली। जिले में एक साल में 234 अंतरराष्ट्रीय ड्राइविंग लाइसेंस जारी किए गए हैं। मलयेशिया, सिंगापुर और ब्रिटेन की यात्रा पर जाने वालों का रुझान सबसे अधिक रहा है।
परिवहन विभाग के आंकड़ों के अनुसार, विदेश यात्रा की योजना बनाने वाले स्थानीय निवासियों की संख्या बढ़ी है। पांच साल में कुल 1265 अंतरराष्ट्रीय ड्राइविंग लाइसेंस जारी हुए हैं। परिवहन विभाग के अंतरराष्ट्रीय प्रोटोकॉल में 153 देश साझेदार हैं। इसके तहत कोई भी व्यक्ति अपने देश से अंतरराष्ट्रीय वैधता वाला ड्राइविंग लाइसेंस बनवा सकता है। यह एक वर्ष के लिए जारी किया जाता है। यह लाइसेंस अप्रवासियों और एक से दूसरे देश तक वाहन से यात्रा करने वालों के लिए उपयोगी है। इसमें ऐसे लोगों को परमिट दिया जाता है, जिनके पास पहले से वैध ड्राइविंग लाइसेंस होता है।
मलयेशिया के लिए सर्वाधिक 46 लाइसेंस बने
जारी किए गए अंतरराष्ट्रीय ड्राइविंग लाइसेंसों में मलयेशिया के लिए सर्वाधिक 46 लाइसेंस बने हैं। सिंगापुर के लिए 43 और इंडोनेशिया के लिए 39 लाइसेंस जारी हुए। ग्रेट ब्रिटेन के लिए 38, संयुक्त राज्य अमेरिका के लिए 35 और कनाडा के लिए 34 लाइसेंस बने हैं।
लाइसेंस बनवाने की प्रक्रिया और शुल्क
अंतरराष्ट्रीय ड्राइविंग लाइसेंस बनवाने के लिए एक साल का एक हजार रुपये का शुल्क निर्धारित है। इस प्रक्रिया में राष्ट्रीय ड्राइविंग लाइसेंस, पासपोर्ट और निवास प्रमाण पत्र जमा करना होता है। वीजा (यदि लागू हो) और कुछ पासपोर्ट साइज फोटो आवश्यक हैं।
वर्जन
एक वर्ष में 234 अंतरराष्ट्रीय ड्राइविंग लाइसेंस जारी होना महत्वपूर्ण है। यह स्थानीय लोगों के बढ़ते अंतरराष्ट्रीय यात्रा के रुझान को दर्शाता है। मलयेशिया, सिंगापुर और ब्रिटेन जैसे देशों में इन लाइसेंसों की सर्वाधिक मांग है। -पंकज सिंह, आरटीओ प्रशासन