बरेली। होटल-ढाबों और नर्सिंग होम में उपलब्ध कराए जा रहे पेयजल की हर साल कम से कम एक बार जांच होगी। देखा जाएगा कि पानी सेहत के लिए हानिकारक तो नहीं है। राज्य स्वास्थ्य संस्थान के अपर निदेशक ने इसके लिए निर्देश दिए हैं।
उप नगर स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. नैन सिंह ने बताया कि होटल-ढाबों और नर्सिंग होम वालों के यहां पानी की जांच सुनिश्चित होनी है। इसके लिए जागरूकता पैदा की जा रही है। नगर निगम की टीम के साथ सोमवार को शहर के दो ढाबे और दो नर्सिंग होम देखे गए। सिर्फ एक नर्सिंग होम में पानी की टेस्टिंग रिपोर्ट मिली।
तीन स्थानों पर टेस्टिंग रिपोर्ट नहीं मिल सकी। तीनों को साल में कम से कम दो बार पानी की टेस्टिंग कराने के निर्देश दिए गए हैं। अगर खुद से टेस्टिंग नहीं कराते हैं तो नगर निगम की टीम नमूने लेकर जांच के लिए भेजेगी। ब्यूरो