मीरगंज/नवाबगंज/क्योलड़िया। दो दिन से लगातार हो रही बारिश के चलते नदियों का जलस्तर बढ़ना शुरू हो गया है। किसानों और ग्रामीणों को चिंता सताने लगी है। नवाबगंज में देवहा नदी किनारे बसे गांव अमीरनगर में कटान शुरू हो गया है। हालांकि मीरगंज में अभी बाढ़ जैसी कोई स्थिति नहीं है। फिर भी बाढ़ की स्थिति से निपटने के लिए प्रशासन अलर्ट हो गया है।
नवाबगंज और क्योलड़िया में नदियों का जलस्तर बढ़ना शुरू हो गया है। पनघैली नदी, सिंघइया नदी, अफसरा नदी, देवहा नदी में लगातार जलस्तर बढ़ रहा है। देवहा नदी के किनारे बसे गांव अमीर नगर, गुलड़हाई अब्दुल्ला, बड़ेपुरा, नौगमा, भगवंतपुर, जरपा मोहनपुर, बहर जागीर, नवदिया सिलरा समेत देवहा नदी के किनारे बसे गांव के लोग भयभीत हैं। देवहा नदी में बाढ़ आने का खतरा सता रहा है। लगातार हो रही बारिश के कारण देवहा नदी का जलस्तर बढ़ने से अमीरनगर गांव में बनी पिचिंग भी धंस गई है। कटान होता देख ग्रामीण उस पर रेत के कट्टे डाल दिए हैं, जिससे कटान को रोका जा सके।
इस मामले में तहसीलदार दुष्यंत प्रताप सिंह ने बताया कि बारिश के चलते नदियों में जल स्तर बढ़ने लगा है। बारिश को देखते हुए बाढ़ चौकियों को सतर्क कर दिया है। नवाबगंज में छह चौकियां बनायी गई हैं।
मीरगंज में 14 बाढ़ चौकियां स्थापित
मीरगंज क्षेत्र में रामगंगा, पीलाखार, भाखड़ा, दिजोड़ा, बहगुल और कुल्ली सहित आधा दर्जन नदियां हैं। दो दिन से लगातार हो रही बारिश से सभी नदियों का जल स्तर बढ़ने लगा है। इससे नदियों किनारे बसे गांव के लोगों में चिंता की लकीरें खींच गई है। तहसीलदार मीरगंज आशीष कुमार सिंह ने बताया कि बाढ़ की स्थिति से निपटने के लिए पूरी तहसील क्षेत्र में 14 चौकियां स्थापित की गई हैं।उन्होंने बताया कि अभी नदियों में थोड़ा जलस्तर बढ़ा है, लेकिन उससे अभी कोई खतरा नहीं है। संवाद