फरीदपुर/नवाबगंज। नदियों का जलस्तर घटा पर ग्रामीणों की परेशानी अभी कम नहीं हुई। कुछ गांवों का संपर्क मार्ग कटने से आवागमन प्रभावित है। इधर, बीमारियां पांव पसार रही हैं पर शनिवार को स्वास्थ्य शिविर नहीं लगे। इससे चपेट में आए ग्रामीण इलाज के लिए भटकते रहे।
जलस्तर घटने से फरीदपुर और नवाबगंज ब्लॉक के बाढ़ग्रस्त गांव की संख्या 72 से घटकर 50 हो गई है। फरीदपुर में अब भी 38 गांवों में बाढ़ के हालात बने हैं, जबकि नवाबगंज में एक दर्जन गांव ही बाढ़ग्रस्त हैं। जिन गांवों में जलस्तर घटा है। वहां के ग्रामीण अब बीमारियों की चपेट में आ रहे हैं। अधिकांशत लोग बुखार, सर्दी-जुकाम आदि से पीड़ित हैं। शनिवार को लोगों को उम्मीद थी कि कई गांव में स्वास्थ्य विभाग की ओर से स्वास्थ्य शिविर लगाकर मरीजों को राहत दी जाएगी, लेकिन ऐसा नहीं हुआ। मरीजों ने पास के निजी अस्पताल, मेडिकल स्टोर से दवाएं लीं।
संक्रामक बीमारी फैलने की आंशका
नवाबगंज के लाईखेड़ा, अमीरनगर, जरपा मोहनपुर, पेहना, अब्दला, बहरजागीर, याकूबपुर समेत दर्जनभर गांव के लोगों को बाढ़ से राहत नहीं मिली। 24 गांवों में पानी उतर गया है। जहां अब संक्रामक बीमारी फैलने की आशंका है। जलभराव के रास्तों से गुजरने से पांव की ऊंगलियों में सड़न हो रही है। फंगल इंफेक्शन की चपेट में कई लोग हैं। फरीदपुर में दर्जन भर से ज्यादा संपर्क मार्ग टूटने से आवाजाही में दिक्कत हुई।
मीरगंज में लगा शिविर, आबादी की स्क्रीनिंग शुरू
मीरगंज। ब्लॉक के बल्लिया, हुरहुरी, सिंधौली, बहरोली, समसपुर, नरखेड़ा, बहादुरपुर , सैजना आदि संवेदनशील ग्रामों में निगरानी जारी है। बाढ़ ग्रस्त क्षेत्रों के लिए एक चिकित्सकीय टीम लगी है। सीएचसी मीरगंज के चिकित्सा अधीक्षक डॉ. वागीश कुमार के मुताबिक प्रभावित क्षेत्र में आशा कार्यकर्ता दवाएं बांट रही हैं। मलेरिया प्रभावित क्षेत्रों में सोर्स रिडक्शन एक्टिविटी, दस्तक अभियान के तहत स्क्रीनिंग चल रही है। संवाद
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सीएचसी अधीक्षक बोले- जब बाढ़ ही नहीं तो कैसे स्वास्थ्य शिविर
संवाद न्यूज एजेंसी
नवाबगंज। नदियों के जलस्तर बढ़ने से गांवों में पानी घुस गया है। सड़कों और गलियों में पानी भरा है। लोग घरों में कैद होने को विवश हैं। पर सीएचसी अधीक्षक इससे अनजान हैं। क्षेत्र में संक्रामक बीमारियों के फैलने की आंशका है, लेकिन अभी तक विभाग ने अमीरनगर गांव को छोड़कर किसी भी गांव में स्वास्थ्य शिविर लगाने की जहमत नहीं उठाई। इधर, सीएचसी के चिकित्सा अधीक्षक डॉ. गौरव शर्मा का कहना है कि उनके इलाके में कहीं बाढ़ है ही नहीं, जब बाढ़ आएगी और जरूरत पड़ने पर स्वास्थ्य शिविर लगाए जाएंगे। संवाद
अमीरनगर गांव में स्वास्थ्य शिविर लगाकर दवाओं का वितरण किया गया है। अभी कई गांवों में नदियों का जलस्तर बढ़ा हुआ है। जैसे ही गांव तक पहुंचने के रास्ते सुलभ होंगे। स्वास्थ्य शिविर लगाकर लोगों को चिकित्सा सुविधा मुहैया कराई जाएगी।
- डॉ. मुगीश, प्रभारी चिकित्साधिकारी, क्योलड़िया