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मारपीट और बवाल के बाद बरेली कॉलेज को अनिश्चितकाल के लिए बंद करने की चेतावनी

सार

कॉलेज स्टाफ से भिड़े विद्यार्थी परिषद कार्यकर्ता, प्राचार्य का आरोप- एसएसपी से आग्रह के बावजूद नहीं मिली अतिरिक्त सुरक्षा
 
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बरेली कॉलेज के प्राचार्य से आरोपी छात्रों पर कार्रवाई की मांग करते कर्मचारी।
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विस्तार
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मारपीट में क्लर्क घायल, प्राचार्य कार्यालय में हंगामा, तीन घंटे अफरातफरी का माहौल
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प्राचार्य ने पुलिस को दी तहरीर, तीन दिन में छात्र नेताओं पर कार्रवाई का अल्टीमेटम

बरेली। लखीमपुर खीरी बवाल की गर्मी के बीच मंगलवार को बरेली कॉलेज अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद और स्टाफ के बीच जंग का मैदान बन गया। विद्यार्थी परिषद और कर्मचारियों के बीच मारपीट होने के बाद कॉलेज में तीन घंटे तक जमकर बवाल हुआ। प्राचार्य ने विद्यार्थी परिषद कार्यकर्ताओं के खिलाफ पुलिस को तहरीर दी है। इसके साथ एसएसपी पर आग्रह के बावजूद सुरक्षा न देने का आरोप लगाते हुए अनिश्चितकाल के लिए कॉलेज बंद करने की चेतावनी भी दी है।
बरेली कॉलेज में इन दिनों प्रवेश प्रक्रिया चल रही है। बुधवार से 20 अक्तूबर तक कॉलेज में सात दिन का अवकाश होने के कारण मंगलवार को भारी संख्या में विद्यार्थी कॉलेज पहुंचे थे। इनमें ज्यादातर तादाद प्रवेश प्रक्रिया पूरी कराने, प्रवेश के बाद आईडी लेने और फीस जमा करने वाले विद्यार्थियों की थी। कॉलेज स्टाफ का आरोप है कि करीब डेढ़ बजे विद्यार्थी परिषद का एक कार्यकर्ता बीकॉम की फीस जमा करने पहुंचा था जिसकी कतार तोड़कर पहले फीस जमा करने से इनकार करने पर काउंटर पर बैठे क्लर्क से नोकझोंक हो गई।
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क्लर्क का आरोप है कि विद्यार्थी परिषद कार्यकर्ता ने उसके साथ गालीगलौज की और फिर अपने साथियों के साथ फीस काउंटर का मेन गेट को तोड़कर अंदर घुस गया। इन लोगों ने अन्य कर्मचारियों के सामने ही उसे बुरी तरह पीटकर घायल कर दिया। कर्मचारियों ने मारपीट कर रहे कुछ कार्यकर्ताओं को पकड़ लिया और प्राचार्य के पास ले गए। उन्होंने प्राचार्य से कार्रवाई की मांग की तो प्राचार्य ने पुलिस को सूचना दी।
इस बीच प्राचार्य कार्यालय कॉलेज के कर्मचारियों और विद्यार्थी परिषद कार्यकर्ताओं से भर गया। इसके बाद काफी देर तक यहां भी जमकर बवाल हुआ। कुछ देर बाद थाना बारादरी से पुलिस फोर्स पहुंचा, लेकिन इस बीच पकड़े गए कार्यकर्ताओं को उनके साथी ले गए। प्राचार्य ने पुलिस को तहरीर दी तो भारी संख्या में विद्यार्थी परिषद कार्यकर्ता पदाधिकारियों के साथ धरने पर बैठ गए और नारेबाजी शुरू कर दी। चीफ प्रॉक्टर डॉ. वंदना शर्मा ने उन्हें समझाने की कोशिश की लेकिन फिर भी हंगामा खत्म नहीं हुआ।

प्राचार्य बोले- पुलिस न पहुंचती तो मेरे साथ भी हो सकती थी हाथापाई

प्राचार्य डॉ. अनुराग मोहन ने बताया कि विद्यार्थी परिषद कार्यकर्ताओं के मारपीट करने के बाद गुस्साए कर्मचारी कार्यालय में आ गए थे। यहां भी विद्यार्थी परिषद कार्यकर्ता काफी हमलावर अंदाज में थे। प्राचार्य ने कहा कि अगर पुलिस न पहुंचती तो विद्यार्थी परिषद कार्यकर्ता उनके साथ भी हाथापाई कर सकते थे। उन्होंने कहा कि कॉलेज में लगातार इस तरह की घटनाएं हो रही हैं। इसी वजह से उन्होंने एसएसपी से मिलकर सुरक्षा और मजबूत करने के लिए कॉलेज में अतिरिक्त फोर्स तैनात करने का आग्रह किया था लेकिन उस पर अब तक कोई निर्णय नहीं लिया गया है। प्राचार्य ने कहा कि उन्होंने मंगलवार को हुई घटना के संबंध में पुलिस को तहरीर दे दी है। एसएसपी को भी पत्र लिखा है। फैसला लिया गया है कि अगर तीन दिन में कार्रवाई न हुई तो कॉलेज को अनिश्चित काल के लिए बंद कर दिया जाएगा।
स्थाई और अस्थाई कर्मचारी एकजुट : बरेली कॉलेज में मंगलवार को बवाल के बाद अस्थाई और स्थाई कर्मचारी एकजुट हो गए हैं। हंगामे के बाद उन्होंने प्राचार्य से मिलकर मारपीट करने वाले विद्यार्थी परिषद कार्यकर्ताओं की गिरफ्तारी की मांग की। प्राचार्य ने उन्हें अपने स्तर से की गई कार्रवाई से अवगत कराया। कहा, पुलिस ने प्रकरण की जांच और कार्रवाई के लिए दो से तीन दिन का वक्त मांगा है। अगर तीन दिन बाद भी कार्रवाई न की गई तो शिक्षक संघ के साथ मिलकर कॉलेज को अनिश्चितकाल के लिए बंद कर दिया जाएगा।

विद्यार्थी परिषद का कर्मचारियों पर मारपीट का आरोप

विद्यार्थी परिषद के धरना-प्रदर्शन के दौरान चीफ प्रॉक्टर डॉ. वंदना शर्मा उनसे बात करने पहुंची। उन्होंने पदाधिकारियों को शांतिपूर्ण ढंग से प्रदर्शन करने को कहा पर वे नहीं माने। पुलिस ने उससे बात की तो उन्होंने कर्मचारियों पर विद्यार्थी परिषद कार्यकर्ता का काम न करने और उसके साथ मारपीट कर कपड़े फाड़ने का आरोप लगाया। कहा, कर्मचारियों ने ही मेन गेट तोड़ा और आरोप कार्यकर्ताओं पर लगा दिया। उन्होंने आरोपी कर्मचारियों की गिरफ्तारी की मांग की। प्राचार्य को ज्ञापन भी सौंपा।

सियासत : समाजवादी छात्र सभा ने कहा- तत्काल गिरफ्तार हों आरोपी

बवाल के बाद समाजवादी छात्रसभा के कई कार्यकर्ता नारेबाजी करते हुए प्राचार्य कार्यालय पहुंचे। उन्होंने विद्यार्थी परिषद कार्यकर्ताओं के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराने और गिरफ्तारी की मांग की। कहा, कॉलेज में शिक्षण संबंधी समस्याएं और नोकझोंक आम है मगर हाथापाई और मारपीट अनुशासनहीनता और अपराध है। प्राचार्य ने उन्हें पुलिस को तहरीर दिए जाने की जानकारी दी। एक सछास कार्यकर्ता ने मेज पर जोर से हाथ पटकककर तत्काल कार्रवाई कराने को कहा तो प्राचार्य ने उसे बाहर निकलवा दिया।

मारपीट की सूचना मिलने के बाद मैं अपनी टीम के साथ प्राचार्य के पास पहुंची तो कर्मचारियों और विद्यार्थी परिषद कार्यकर्ताओं में जमकर नोंकझोंक हो रही थी। दोनों पक्षों को समझाकर शांत किया। प्राचार्य ने कड़ी कार्रवाई के लिए पुलिस को पत्र भेज दिया है। कॉलेज में शिक्षण कार्य बेहतर बनाने के लिए उपद्रवियों पर कार्रवाई होगी। - डॉ. वंदना शर्मा, चीफ प्रॉक्टर बरेली कॉलेज

कोई भी छात्र संगठन हो, अगर ऐसी बदतमीजी की जा रही है तो कार्रवाई होनी चाहिए। जिस कर्मचारी के साथ मारपीट हुई है वह पहले से ही दुर्घटनाग्रस्त है। उसके जबड़े टूटे हुए हैं इसलिए उसके गालीगलौज करने का आरोप गलत है। जो कॉलेज की शांति भंग करने का प्रयास करे उस पर कड़ी कार्रवाई हो। - मुकेश यादव, जिलाध्यक्ष समाजवादी छात्र सभा 

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कर्मचारियों को भी विद्यार्थियों के साथ बेहतर व्यवहार करना चाहिए। मारपीट का आरोप निराधार है। कर्मचारी के गालीगलौज करने पर कहासुनी हुई जिसे कुछ लोग मनगढ़ंत ढंग से पेश कर रहे हैं और राजनीति चमकाने के लिए मारपीट बता रहे हैं। कॉलेज में शिक्षण का बेहतर माहौल हो, यह हम सबका प्रयास है। - गौरव यादव, प्रदेश सहमंत्री अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद

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