बरेली। उर्स-ए-ताजुश्शरिया के पहले दिन जलसे के दौरान खलीफा-ए-ताजुश्शरिया मुफ्ती अब्दुल मुस्तफा रुदौलवी ने अपनी तकरीर में कहा कि वक्फ संशोधन कानून को वह हरगिज नहीं मानेंगे। वह उसी कानून को मानेंगे जो पहले से मुकर्रर है।
यह नया कानून कायद-ए-मिल्लत मुफ्ती असजद मियां को भी कबूल नहीं है। दरगाह से जुड़ा संगठन जमात-रजा-मुस्तफा भी वक्फ संशोधन बिल के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर कर चुका है।
इससे पूर्व उन्होंने अपनी तकरीर में कहा कि मुल्क की जंग-ए-आजादी में हमारे उलमाओं और मदरसों का बड़ा योगदान रहा है। तमाम उलमा ने हिंदुस्तान की आजादी के लिए अपनी जान कुर्बान की है। ये इतिहास में दर्ज है जिन्हें कभी बुलाया नहीं जा सकता। संवाद