फिर फिसड्डी रहे शहर के मतदाता
पढ़े-लिखे माने जाने वाले शहरवासी लोकतंत्र के सबसे बड़े उत्सव में अपनी हिस्सेदारी से फिर चूक गए। पूरे जिले में लोकसभा चुनाव का मतदान प्रतिशत 53.34 रहा। सिर्फ 47.01 प्रतिशत शहर के मतदाता ही मतदान कर सके। मतदान में सबसे आगे ददरौल विधानसभा क्षेत्र के निवासी रहे। यहां पर 58.66 प्रतिशत मतदान हुआ।
शुरुआत से ही शाहजहांपुर वोटिंग में पीछे चला। सुबह नौ बजे तक जिले का मतदान प्रतिशत 12.35 रहा। कटरा में 12.62, जलालाबाद में 12.11, तिलहर में 12.56, पुवायां में 12.81, शाहजहांपुर में 10.08 और ददरौल में 12.08 प्रतिशत वोटिंग हुई थी। पूर्वाह्न 11 बजे जिले में 23.09 प्रतिशत लोग मतदान कर चुके थे। कटरा में 25.76, जलालाबाद में 25.40, तिलहर में 18.27, पुवायां में 25.33, शाहजहांपुर में 22.02 और ददरौल में 26.12 प्रतिशत लोगों ने मतदान किया।
दोपहर एक बजे तक 36.32 प्रतिशत मतदान हो चुका था। कटरा में 36.89, जलालाबाद में 36.33, तिलहर में 36.69, पुवायां में 38.03, शाहजहांपुर में 32.33, ददरौल में 38.43 प्रतिशत मतदान हुआ। इसके बाद मतदान की रफ्तार सुस्त होती चली गई। दोपहर तीन बजे तक 44.26% वोटिंग हुई। इसमें कटरा में 44.71, जलालाबाद में 44.12, तिलहर में 45.24, पुवायां में 46.27, शाहजहांपुर में 38.26 और ददरौल में 47.44 प्रतिशत मतदान हुआ।
शाम छह बजे तक केवल 53.56 प्रतिशत मतदान हो सका। कटरा में 52.06, जलालाबाद में 52.65, तिलहर में 54.15, पुवायां में 56.11, शाहजहांपुर में 47.01 और ददरौल में 58.66 प्रतिशत लोगों ने मतदान किया। पिछले लोकसभा चुनाव का प्रदर्शन दोहराते हुए ददरौल ने टॉप किया है।
वर्ष 2014 में दिखा था कुछ सुधार
पिछले चुनावों पर नजर डालें तो शहरी मतदाता ही मतदान में सबसे अधिक संकोच करते हैं। 2009 के लोकसभा चुनाव में केवल 48.84 प्रतिशत ही मतदान हुआ था। इसमें शहरी क्षेत्र में सबसे कम मात्र 38.92 फीसदी वोटिंग हुई थी, तब पुवायां विधानसभा क्षेत्र में सबसे ज्यादा 56.96 प्रतिशत वोट पड़े थे। 2014 के लोकसभा चुनाव में मतदान प्रतिशत कुछ सुधरा, लेकिन 57. 04 प्रतिशत तक ही पहुंच सका था, तब भी शहर में सबसे कम 50.08 प्रतिशत वोटिंग हुई थी। 2019 के आम चुनाव में कुल 55.85 प्रतिशत मतदान हुआ। शहर में सबसे कम 50.47 प्रतिशत और ददरौल में सबसे अधिक 60.36 प्रतिशत वोटिंग हुई।