भू संरक्षण विभाग के कर्मचारियों पर नियमों को ताक पर रखकर काम कराने का आरोप
भुता। बड़ी संख्या में घर लौटे प्रवासी मजदूरों को रोजगार मुहैया कराने के लिए प्रदेश सरकार मनरेगा के तहत गांवों में तमाम काम करा रही है, लेकिन अधिकारियों और कर्मचारियों की सांठगांठ के चलते भुता ब्लॉक के महोलिया और महमूदपुर में गांव के मजदूरों को काम न देकर बाहर से मजदूर लाकर मेड़बंदी का काम कराया जा रहा, इसके साथ ही फर्जी हाजिरी लगाकर सरकारी धन का बंदरबांट भी किया जा रहा है। ग्रामीणों ने मामले की शिकायत डीएम और मुख्यमंत्री को पत्र भेजकर की है।
भुता ब्लॉक के गांव महमदपुर और महोलिया में भूमि संरक्षण विभाग मनरेगा से मेड़बंदी का कार्य करा रहा है। जिसमें सहायक भूमि संरक्षण अधिकारी नियमों को ताक पर रखकर दूसरे गांव के प्रधानों से सांठगांठ कर 7-8 किलोमीटर दूरी के गुलाबनगर, पवन नगला, भुइयांपुर गांव के मजदूरों को लाकर मेड़बंदी का कार्य करा रहे हैं। मानक के विपरित मजदूरों से दोगुना काम कराया जा रहा है। दूसरे ग्राम प्रधानों के चहेतों की फर्जी हाजिरी लगाकर सरकारी धन का बंदरबांट हो रहा है और गांव के मजदूरों को रोजगार नहीं मिल पा रहा है, जबकि योगी सरकार ग्रामीणों को रोजगार मुहैया कराने के लिए गांवों में तालाब, चकरोड निर्माण आदि के तमाम काम करा रही है, जिससे उनका भरण-पोषण हो सके, लेकिन भ्रष्टाचार के चलते इस योजना का लाभ गरीबों तक नहीं पहुंच पा रहा।
महोलिया में काम कर रहे मजदूर काशीराम और प्रदीप ने बताया कि एक दिन में 25 मीटर मेड़ बनाने का काम करना होता है। आठ मीटर के हिसाब से पैसा मिलता है, जबकि महमूदापुर के ग्राम प्रधान सज्जन सिंह का कहना है उन्हें भूमि संरक्षण विभाग ने कोई जानकारी नहीं दी और उनके गांव के जॉब कार्ड धारक मजदूरों से कार्य नहीं कराया गया। महोलिया के मनेरगा मजदूरों को भी काम नहीं मिला। सहायक भूमि संरक्षण अधिकारी की सांठगांठ के चलते दूसरे गांवों की लेबर मेड़बंदी का कार्य कर रही है। मनरेगा मजदूरों ने डीएम और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को शिकायती पत्र भेजकर जांच कराने की मांग की है।
परियोजना प्रभारी को निर्देशित किया गया है कि जिस गांव में कार्य किया जाए, उसमें गांव के ही जॉब कार्ड धारक मजदूरों से करवाया जाए, यदि गांव में लेबर उपलब्ध न होने तो ग्राम प्रधान व रोजगार सेवक लिखित में लेने के बाद ही दूसरे गांव की लेबर से कार्य कराएं। अगर ऐसा नहीं है तो जांच कराकर कार्रवाई की जाएगी। - विनोद कुमार, भू संरक्षण अधिकारी