बरेली। शीशगढ़ के एक गांव में पंद्रह साल की दुष्कर्म पीड़ित किशोरी की तीन साल बाद आरोपी से शादी का समझौता कराने के मामले में पंच फंस गए हैं। बहेड़ी के क्षेत्राधिकारी (सीओ) अरुण कुमार ने गांव और शीशगढ़ थाने जाकर मामले की जांच शुरू कर दी है। इस गंभीर मामले में पंचायत करने वालों के खिलाफ अलग से कार्रवाई की बात कही जा रही है।
पुलिस पर आरोप हैं कि उसने पहले दुष्कर्म के मामले में कार्रवाई नहीं की। दो साल दस महीने बाद किशोरी के बालिग होने पर आरोपी से ही शादी का समझौता कराया गया। किशोरी की मां ने 16 सितंबर को तहरीर दी थी, लेकिन पुलिस ने तत्काल मुकदमा दर्ज करने से टालमटोल की। पीड़ित परिवार का दावा है कि पंचायत में समझौता कर उसकी प्रति थाने में दी गई थी, जिसे पुलिस नहीं मान रही। आरोपी पक्ष को बुलाने पर उसने घबराकर पंचायत जुड़वा ली थी। एसएसपी अनुराग आर्य के संज्ञान में मामला आने के बाद मंगलवार सुबह पुलिस ने सक्रियता दिखाई। सीओ अरुण कुमार ने पीड़ित पक्ष से बात की और थाने पहुंचे। उन्होंने बताया कि पुलिस स्तर पर फिलहाल कोई लापरवाही नहीं मिली है। पंचों के खिलाफ अलग से कार्रवाई की बात कही गई है। एसएसपी अनुराग आर्य ने बताया कि सीओ बहेड़ी की जांच रिपोर्ट आने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।
प्रधानी चुनाव को लेकर अभी से लामबंदी
सूत्र बताते हैं कि गांव में प्रधानी चुनाव को लेकर अभी से लामबंदी होने लगी है। पंचायत में तो प्रधान के पिता और पूर्व प्रधान दोनों ही मौजूद थे लेकिन इन्हीं में से एक पक्ष को अपनी भूमिका हल्की लगी। अहसास हुआ कि पीड़ित व आरोपी पक्ष दोनों ही दूसरे पक्ष से ज्यादा प्रभावित हैं। इसी वजह से मामले को तूल दे दिया गया और बात मुकदमे तक पहुंच गई। हालांकि कार्रवाई पंचायत में मौजूद लोगों पर हो सकती है, इसका अंदाजा उस वक्त नहीं था। ब्यूरो