बरेली। हरूनगला में सड़क चौड़ीकरण के लिए बारिश के दौरान खोदाई की गई, फिर वाइब्रेटर चला दिया। नतीजा, मिट्टी खिसकने से रामसिंह का मकान ढहने के कगार पर आ गया है। इससे पहले 30 अगस्त को वहां नाला ढहने से महिला और एक दुकानदार जख्मी हो गए थे।
अब नगर निगम ने मकान और उसके आसपास की दुकानों को खाली करा दिया है। मकान को गिरने से रोकने के लिए नींव के नीचे बल्लियां लगाई गई हैं। नाले के चारों ओर 70 मीटर तक बैरिकेडिंग करवाकर पुलिस और बीडीए को पत्र भेजा है। स्थिति पर नजर रखने के लिए एक अवर अभियंता की तैनाती भी की गई है।
नगर निगम के मुख्य अभियंता मनीष अवस्थी ने बताया कि बीडीए की ओर से बीसलपुर रोड का चौड़ीकरण कराया जा रहा है। हरूनगला में जहां नाला ढहा है, वहां बगल में ही रोड चौड़ीकरण का काम चल रहा है। इसके लिए नाले के बराबर में ही खोदाई कर उसमें गिट्टी आदि बिछाकर उसको समतल करने के लिए रोलरयुक्त वाइब्रेटर चला दिया।
बारिश की वजह से मिट्टी गीली होने के कारण 35 साल पुराना नाला वाइब्रेटर के जोर को रोक नहीं सका और वह ढह गया। नगर निगम के अवर अभियंता वीर सिंह पटेल के मुताबिक बरसात में यह काम नहीं कराया जाना चाहिए था। संवाद
नाले के पास बने मकान तत्काल कर दें खाली ः नगर आयुक्त संजीव कुमार मौर्य ने लिखित अपील जारी कर कहा है कि हरूनगला में एसटीपी को जोड़ने वाले मुख्य नाले की दीवार अचानक गिर गई है। नाले से सटे भवनों एवं दुकानों के क्षतिग्रस्त होने या अप्रिय घटना होने की आशंका है। बचाव कार्य कराया जा रहा है। क्षेत्रीय नागरिक और राहगीर बैरिकेडिंग से दूर रहें। नाले के पास बने भवनों में रहने वाले लोग तत्काल उसे खाली कर दें। संवाद