पांच बहनों का इकलौता भाई था सूरज
सूरज पांच बहनों में इकलौते भाई थे। चार बहनों की शादी हो चुकी है, जबकि छोटी बहन आदेशवती की शादी को लेकर सूरज बड़े अरमान संजोए हुए थे। वह अपनी छोटी बहन की शादी धूमधाम से करने की बात अक्सर परिवार में किया करते थे। लेकिन किस्मत को कुछ और ही मंजूर था। भाई की मौत के बाद छोटी बहन का भी रो-रोकर बुरा हाल है।
दो मासूम बच्चों के सिर से उठा पिता का साया
सूरज अपने पीछे दो छोटे बच्चों को छोड़ गए हैं। उनकी पांच साल की मासूम बेटी है और महज पांच माह का एक बेटा, जो काफी बीमार है और जिसका इलाज नगर के एक निजी अस्पताल में चल रहा है। जिस मासूम बेटे को अभी अपने पिता की उंगली पकड़कर चलना भी नहीं आया, आज उसके सिर से पिता का साया हमेशा के लिए उठ गया।
परिजनों का कहना है कि सूरज अपने बीमार बेटे के इलाज को लेकर बेहद चिंतित रहते थे। परिवार को उम्मीद थी कि इलाज के बाद उनका बेटा स्वस्थ हो जाएगा और घर में फिर खुशियां लौटेंगी, लेकिन एक सड़क हादसे ने पूरे परिवार की दुनिया ही उजाड़ दी।