बरेली। मुनाफाखोरी के खेल में इन दिनों इन दिनों सब्जियों के दाम आसमान छू रहे हैं। थोक में सस्ती होने के बाद भी फुटकर विक्रेता बारिश शुरू होने पर फसल प्रभावित होने का बहाना बनाकर मनमाने दाम वसूल रहे हैं। इसका असर उपभोक्ताओं की जेब पर पड़ रहा है।
बृहस्पतिवार को डेलापीर सब्जी मंडी और फुटकर बाजारों में बिक रही सब्जियों के दाम में दोगुने तक का अंतर दिखा। थोक में जहां आलू 10 रुपये प्रति किलो की दर से बिक रहा है। वहीं, फुटकर में आलू का प्रति किग्रा दाम 20 रुपये है। अन्य सब्जियों का भी यही हाल है।
डेलापीर मंडी के विक्रेताओं का कहना है कि इन दिनों मंडी में आवक बढ़ी हुई है। वहीं, फुटकर विक्रेताओं से जब दाम ज्यादा होने का कारण पूछा गया तो उनका तर्क था कि मानसून आने से पहले धान व अन्य फसलों के लिए किसान खेत खाली कर रहे हैं। इसके चलते आवक में आई कमी की वजह से दाम बढ़े हैं। संवाद
इसके अलावा फुटकर में बाजार से सब्जी लाने का खर्च भी जोड़ा जाता है। बड़ी मात्रा में सब्जियां खराब निकल जाती हैं। फुटकर विक्रेता अपना मुनाफा भी जोड़ते हैं। इस वजह से भी दाम बढ़ते हैं।
- फुटकर में कोई भी सब्जी 10-15 रुपये प्रति किलो से नीचे नहीं बिक रह है। लौकी, तुरई सहित कई सब्जियां थोक मंडी में बहुत सस्ती हैं। - पारूल गुप्ता, गृहिणी
- सीजनल सब्जियों पर भी महंगाई है। मोहल्लों में सब्जियां लेकर आने वाले ठेले वाले सबसे ज्यादा मनमाने दाम वसूलते हैं। - स्वाति कोली, गृहिणी
सब्जियां थोक फुटकर
आलू - 10 20
टमाटर - 8 30
शिमला मिर्च - 20 35
तोरई - 4 15
बैंगन - 10 40
भिंडी - 5 20
लौकी - 5 15
हरि मिर्च - 10 30
गंगाफल - 5 10
अरवी - 25 40
खीरा - 10 20
करेला - 12 25
नोट : सभी सब्जियों के दाम रुपये प्रति किलो में है। फुटकर मूल्य इलाकों के अनुसार अलग हो सकता है।