भारी बारिश के दौरान बरेली में सब्जियों की कीमत बढ़ी लेकिन देहात में स्थिर रही, लेकिन अब बाढ़ की आफत के बीच मुनाफाखोर सक्रिय हो गए हैं। इस कारण सब्जियों की कीमतें महज पांच दिनों में डेढ़ से दोगुनी तक जा पहुंची है। इससे बाढ़ की आफत झेल रहे ग्रामीणों पर महंगाई भारी पड़ रही है। ग्रामीण क्षेत्रों में टमाटर के भाव 100, धनिया 200 और लहसुन के दाम 250 रुपये प्रतिकिलो पहुंच गए हैं।
बाढ़ आने के बाद ग्रामीण क्षेत्रों में सब्जियों के भाव शहरी क्षेत्र के सापेक्ष जा पहुंचे हैं। हालांकि, विक्रेताओं का तर्क है कि बारिश व बाढ़ से किसानों के खेत में खड़ी सब्जी की फसल बर्बाद हो गई है। पानी भरने से फसल को भारी नुकसान हुआ है। लागत निकालने के लिए किसान फसल को ऊंचे दामों में बेच रहे हैं। इसलिए बाजार में और फुटकर में भी कीमतें बढ़ गई हैं। भंडारण से इन्कार किया है।
पालेज की सब्जियां पूरी तरह नष्ट, पालक गायब
मीरगंज के नन्हे ठेकेदार के मुताबिक बाढ़ आने से पालेजों की सब्जियां पूरी तरह नष्ट हो गई हैं। किसानों को काफी नुकसान हुआ है। सब्जी विक्रेता मान सिंह के मुताबिक सब्जियों के भाव मंडी में ही बढ़ गए हैं तो उन्हें भी महंगी बेचनी पड़ रही है।