इसके जरिये संघमित्रा लगातार दूसरी बार टिकट हासिल करने की कोशिश में हैं। इधर, पीलीभीत से पिछला चुनाव भाजपा से वरुण गांधी जीते थे। लेकिन, कुछ ही दिनों बाद से उनके तेवर बदल गए। वह कई बार अपनी ही सरकार को कटघरे में खड़े करते और उससे सवाल करते नजर आए। अभी तक इस सीट पर भाजपा ने पत्ते नहीं खोले हैं। सपा और बसपा भी अभी चुप्पी साधे हुए है।
हालांकि टिकट के लिए बढ़ते इंतजार के बीच वरुण के बोल बदले हैं। पिछले दिनों पीलीभीत को मिली सौगातों पर उन्होंने वर्चुअल कार्यक्रम के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का आभार भी जताया था। हालांकि वरुण गांधी की ओर टिकट कटने या मिलने पर कोई प्रतिक्रिया नहीं आई है। लेकिन कयास लगाए जा रहे हैं कि टिकट कटने पर वो किसी दूसरे दल से मैदान में उतर सकते हैं।