कमिश्नर ने की तैयारियों की समीक्षा, आयोग की सदस्य ने बताए दिशा-निर्देश
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परीक्षा केंद्रों पर व्यवस्था का जायजा लेने को दस प्रधानाचार्य बनेंगे पर्यवेक्षक
बरेली। कमिश्नर आर रमेश कुमार ने उत्तर प्रदेश अधीनस्थ सेवा चयन आयोग की 20 अगस्त को होने जा रही प्रारंभिक अर्हता परीक्षा की तैयारियों की समीक्षा करते हुए परीक्षा केंद्रों के चयन में सतर्कता बरतने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि घनी आबादी के बीच स्थित कॉलेजों को परीक्षा केंद्र न बनाया जाए। बैठक में उप्र अधीनस्थ सेवा चयन आयोग की सदस्य डॉ. रचना पाल ने भी हिस्सा लिया।
डॉ. रचना पाल ने पारदर्शिता के साथ अर्हता परीक्षा आयोजित कराने और परीक्षा केंद्रों के चयन के बारे में दिशा-निर्देशों से अवगत कराया। उन्होंने कहा कि सभी परीक्षा केंद्रों पर सीसीटीवी कैमरे अनिवार्य रूप से होने चाहिए। घनी आबादी के कॉलेज या जिन केंद्रों पर पहले कोई आरोप लगा है, उन्हें किसी भी हालत में केंद्र न बनाया जाए। इसके साथ परीक्षा केंद्रों पर जनरेटर और फर्नीचर की बेहतर व्यवस्था की जाए।
कमिश्नर आर रमेश कुमार ने सभी जिला विद्यालय निरीक्षकों को अपने-अपने जिले के दस प्रधानाचार्यों को पर्यवेक्षक के रूप में तैनात करने, चयनित केंद्र की स्थिति का स्थलीय निरीक्षण कराने और स्टाफ की तैनाती में सावधानी बरतने के निर्देश दिए। उन्होंने बताया कि बरेली मंडल में करीब 76067 परीक्षार्थी परीक्षा देंगे। इनमें बदायूं में 10083, बरेली में 38470, पीलीभीत में 10367 और शाहजहांपुर में 17147 से परीक्षार्थी शामिल होंगे। परीक्षा दो पालियों में होगी।