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Umesh Pal Murder Case: बरेली जिला जेल के दो अधिकारी समेत सात निलंबित, वार्डर समेत दो गिरफ्तार

Mon, 13 Mar 2023 05:23 PM IST
मुकेश कुमार अमर उजाला ब्यूरो, बरेली

सार

डीजी जेल ने सोमवार को बरेली जिला जेल के जेलर और डिप्टी जेलर दुर्गेश प्रताप सिंह समेत सात को निलंबति कर दिया है। इस मामले में जेल वार्डर समेत दो की गिरफ्तारी भी हुई है।
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बरेली जेल में बंद है अशरफ - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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माफिया अतीक अहमद के भाई अशरफ से बरेली जिला जेल (सेंट्रल जेल-2) में शूटरों व गुर्गों की नियम विरुद्ध मुलाकात और सहूलियतें उपलब्ध कराने पर बड़ी कार्रवाई हुई है। डीआईजी जेल की जांच रिपोर्ट पर पर्यवेक्षणीय अधिकारी जेलर राजीव कुमार मिश्रा, मुलाकात अधिकारी डिप्टी जेलर दुर्गेश प्रताप सिंह और पांच वार्डरों को निलंबित कर दिया गया है। इनमें दो वार्डर गिरफ्तार हो चुके हैं। 

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प्रयागराज में हुए उमेश पाल हत्याकांड के बाद मिले इनपुट के आधार पर बरेली जेल के अधिकारियों की भूमिका संदिग्ध मिलने पर डीआईजी जेल आरएन पांडेय को जांच सौंपी गई थी। उन्होंने रविवार को जांच रिपोर्ट डीजी जेल आनंद कुमार को सौंप दी थी। डीजी के निर्देश पर जेलर, डिप्टी जेलर के अलावा हेड जेल वार्डर ब्रजवीर सिंह, वार्डर दानिश मेंहदी और दलपत सिंह को निलंबित कर दिया गया। 

Umesh Pal Murder Case: अतीक अहमद के भाई अशरफ की मदद करने वाला एक और सिपाही गिरफ्तार

दो वार्डर हो चुके हैं गिरफ्तार 

इस बीच, अशरफ से बिना पर्च शूटरों और गुर्गों की मुलाकात कराने के मामले में बिथरी थाने में दर्ज मुकदमे की जांच कर रही एसआईटी ने सोमवार को पीलीभीत जेल से वार्डर मनोज गौड़ को गिरफ्तार कर लिया। अशरफ के गुर्गे सरफुद्दीन की भी गिरफ्तारी हुई है। न्यायालय में पेशी के बाद दोनों को बरेली जेल भेजा गया है। मनोज गौड़ और सात मार्च को गिरफ्तार बरेली जेल के वार्डर शिवहरि अवस्थी को भी निलंबित कर दिया गया है।

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इन सभी पर आरोप है कि उन्होंने जेल के नियमों की अनदेखी कर अशरफ को वीआईपी ट्रीटमेंट दिया। अशरफ को जेल में सहूलियत देने मामले में अब यह सभी कानूनी कार्रवाई के दायरे में आ सकते हैं। दरअसल, प्रयागराज की घटना में बरेली जेल में बंद अशरफ की भूमिका पता लगने के बाद जेल में उसके नेटवर्क का खुलासा हुआ है। उमेश पाल हत्याकांड में अशरफ नामजद है। 

मुलाकाती रोजाना 35 से 40, नाम सिर्फ एक 

डीआईजी जेल आरएन पांडेय की जांच में पता चला कि अशरफ से 11 फरवरी से पहले और बाद में कई दिनों तक 35 ले 40 लोग मिलने आते थे। मुलाकात के रजिस्टर में केवल एक व्यक्ति का नाम दर्ज होता था। इनमें से कितने परिजन और गैंग के सदस्य थे, इसकी जांच बरेली और प्रयागराज पुलिस करेगी। बरेली जेल के दस्तावेजों में भी गड़बड़ी मिली है। डीआईजी ने अशरफ की निगरानी बढ़ाने और जेल में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए कई सुझाव भी दिए हैं। 

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बरेली रेंज के आईजी डॉ. राकेश कुमार सिंह ने बताया कि बरेली जिला जेल में बंदी अशरफ को मिल रही सुविधा को लेकर जेल विभाग अलग से जांच कर रहा था। उस मामले में कार्रवाई जेल विभाग की ओर से की गई है। एसआईटी ने अशरफ से संबंध साबित होने पर जेल वार्डर समेत दो आरोपियों को जेल भेजा है। दोषियों पर कार्रवाई जारी रहेगी।
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