पूर्व विधायक खालिद अजीम उर्फ अशरफ को 11 जुलाई 2020 को नैनी जेल से बरेली जेल में शिफ्ट किया गया था। अशरफ के साथ ही साला सद्दाम बरेली शिफ्ट हो गया था। यहीं से सद्दाम अशरफ का नेटवर्क बदस्तूर चला रहा था।
माफिया अतीक अहमद के भाई अशरफ का साला सद्दाम उसके पीछे ही बरेली आ गया था। यहां खुशबू एनक्लेव में वह ब्रोकर के जरिए मकान लेकर रह रहा था। अकसर अपनी पत्नी और परिवार को भी यहां रखता था।
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पूर्व विधायक खालिद अजीम उर्फ अशरफ को 11जुलाई 2020 को नैनी जेल से बरेली जेल में शिफ्ट किया गया था। चूंकि अतीक अहमद को सुप्रीम कोर्ट के निर्देश पर गुजरात की साबरमती जेल में भेज दिया गया था तो प्रयागराज से जुड़े काले धंधे अशरफ ही देख रहा था।
अशरफ का नेटवर्क बदस्तूर चलाने के लिए उसका साला सद्दाम करीब ढाई साल पहले बरेली आ गया था। शुरू में कुछ दिन होटल में गुजारने के बाद वह ब्रोकर के जरिए खुशबू एनक्लेव में मकान लेने में सफल हो गया। यहां अक्सर उसके गुर्गे रहते थे।
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कभी कभार वह अपनी पत्नी और परिवार को भी ले आता था। यहां उसने कभी आसपास के लोगों से झगड़ा नहीं किया। वह लोगों से सीमित और मधुर संबंध रखता था। अब लोग इन बातों की चर्चा कर रहे हैं।
प्रयागराज से आई टीम ने दो दिन पहले की थी पूछताछ
खुशबू एनक्लेव के जिस मकान में अशरफ रह रहा था वह आजम नगर निवासी हसीन का है। दो दिन पहले प्रयागराज से आई टीम ने इस घर से लेकर हसीन के घर तक जाकर जानकारी जुटाई थी। तब हसीन ने बताया कि पहले वह सउदी अरब में नौकरी करते थे।
वहीं की कमाई से यह मकान बनवाया था और इसके किराए से ही उनका खर्चा चल रहा था। बताया कि ढाई साल पहले एक व्यक्ति उनसे मिला। बताया कि उसका नाम मुश्ताक है और वह लाल फाटक पर रहता है। वह नगर निगम में सड़क निर्माण आदि की ठेकेदारी का काम करता है।
उसके अधिकारियों और परिचितों का अक्सर बरेली आना जाना रहता है। होटल में खर्च ज्यादा आता है, आप अपना मकान किराए पर दे दें तो सही रहेगा। बुजुर्ग हसीन ने सात हजार रूपये प्रतिमाह किराए पर मकान दे दिया। इसका एक एग्रीमेंट मुश्ताक के नाम से कराया था जो अब नहीं मिल रहा है। हसीन के मुताबिक कुछ समय तो मुश्ताक ने किराया दिया, बाद में सद्दाम आकर रहने लगा तो वह किराया देने लगा
उन्होंने जब सद्दाम से नया एग्रीमेंट कराने को आईडी मांगी तो वह आनाकानी कर रहा था। हालांकि किराया देता रहा। उन्होंने कई बार आसपास के लोगों से बात की पर किसी ने कोई शिकायत नहीं की। अब कुछ समय से अखबारों में खबरें पढ़कर उन्हें गड़बड़ी का अंदेशा हुआ। अब उस मुश्ताक का नंबर लग रहा है और न नाम पता मिल रहा है।
25 फरवरी को मकान छोड़कर भागा सद्दाम, दूसरा किरायेदार भी सन्न
हसीन के मकान की ऊपरी मंजिल पर 24 जनवरी को इकरार नाम के व्यक्ति ने कमरा लिया है जो दोना पत्तल का काम करते हैं। उन्होंने बताया कि 25 फ रवरी को नीचे रहने वाले लोग गायब हो गए। उस दिन वह भी काम के सिलसिले में बाहर थे। दो दिन पहले अचानक सादा कपड़ों में कई पुलिस वाले घर में घुस आए तो वह घबरा गए। हालांकि उनसे जानकारी के बाद टीम चली गई। बताया कि अधिकांश दिनों में दो से तीन लोग ही यहां रहते थे जो दूसरों से ज्यादा मतलब नहीं रखते थे।
एजेंसियों के इनपुट पर कार्रवाई, जेल अफसर भी फंसेंगे
इस घटनाक्रम को लेकर बरेली एसटीएफ और दूसरी एजेंसियों का इनपुट ही प्रभावी रहा है। जेल के अंदर पड़ताल के बाद ही तमाम खामियां सामने आ गई थीं। अमर उजाला ने कई बिंदुओं पर खामी को उजागर किया था। हालांकि जेल प्रशासन से लेकर पुलिस तक इसे नकार रही थी। प्रयागराज से मिले इनपुट के बाद एसएसपी अखिलेश चौरसिया ने एजेंसियों से इनपुट जुटाकर अपनी टीम से कार्रवाई कराई तो भेद खुल गया। अब जेल अधिकारियों पर भी कार्रवाई के आसार हैं।