खरीद फरोख्त से होने वाली कमाई का पूरा ब्योरा भी अशरफ को दिखाया जाता था। यह भी पता लगा है कि 11 फरवरी को जब शूटर व प्रयागराज के लोगों ने जेल में अशरफ से मुलाकात की तो लल्ला भी वहां था। लोगों को मिलवाने में उसने मदद की और खुद भी अशरफ से मिला था।
जेल में अशरफ से मिलते थे प्रॉपर्टी डीलर
प्रयागराज से लेकर बरेली तक के प्रॉपर्टी डीलर और रसूखदारों तक अशरफ के लोगों ने पहुंच बना ली थी। सूत्रों से पता लगा है कि कई प्रॉपर्टी डीलर भी लल्ला और सद्दाम की मदद से जेल में जाकर अशरफ से मुलाकात कर चुके थे। लल्ला ने इन लोगों के नाम पुलिस को बता दिए हैं। पुलिस अब इन लोगों के जुड़ाव की स्थिति जांचेगी।
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पीलीभीत से स्पेशल बिरयानी लेकर जेल में आता था आरिफ
आरिफ के परिवार का पीलीभीत में फास्टफूड व कैंटीन का काम है। उसके यहां कई कारीगर हैं जो अच्छा मांसाहारी भोजन भी बनाते हैं। आरिफ ने उन्हीं से बनवाकर जेल में बंद अशरफ को एक बार बिरयानी लाकर खिलाई थी। अशरफ को बिरयानी इतनी पसंद आई कि आरिफ अक्सर बिरयानी लेकर जेल जाने लगा। आरिफ के बारे में फिलहाल और ज्यादा जानकारी पुलिस को नहीं मिल सकी है।
अब सद्दाम की बारी
लल्ला के बाद मुकदमे के दूसरे प्रमुख आरोपी सद्दाम की गिरफ्तारी पुलिस का प्रमुख लक्ष्य है। केस से जुड़े दूसरे आरोपियों की गिरफ्तारी व विवेचना जारी रहेगी। किसी निर्दोष को जेल नहीं भेजा जाएगा और दोषी को बख्शा नहीं जाएगा।
- आशीष प्रताप सिंह, प्रभारी एसआईटी
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