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मां की ममता को न भूल सकी सारिका: पापा जल्दी आना... मसूर की दाल बना रही हूं, लौटे तो जिंदा नहीं थी वो

Wed, 22 Mar 2023 10:06 AM IST
शाहरुख खान अमर उजाला नेटवर्क, पीलीभीत

सार

पीलीभीत में मां की मौत से आहत कक्षा दस की छात्रा ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। वो मां की फोटो गले से लगाए रहती थी। पिता ने बताया कि सात साल पहले स्वाइन फ्लू से सारिका की मां का निधन हो गया था।
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छात्रा का फाइल फोटो - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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पीलीभीत के बिलसंडा में कक्षा दस की छात्रा का शव मंगलवार को कमरे में चुन्नी के सहारे कुंडे से लटका मिला। पिता को खेत से लौटने के बाद घटना की जानकारी हुई। घटना के बाद से परिजन बदहवास हैं। सूचना के बाद थाना बिलसंडा पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।
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16 साल की सारिका का मां के प्रति प्रेम उसके घरवाले भी नहीं समझ सके। घरवाले समझ रहे थे समय के साथ-साथ सारिका मां को भूल जाएगी लेकिन मां की मौत के बाद सारिका अक्सर उनकी याद में खोई रहती थी। उसका व्यवहार भी एकदम बदल गया था। वह शांत रहने लगी थी।

मां रोमी सिंह की 2015 में स्वाइन फ्लू की चपेट में आने से मौत हो गई थी। सारिका उस समय महज नौ साल की थी। अचानक मां के दूर हो जाने के बाद से सारिका गुमसुम रहने लगी। पिता का कहना है कि सारिका शांत स्वभाव की थी। मां की मौत के समय वह समझदार हो चुकी थी, हालांकि कुछ समय बाद सारिका छोटे भाई आयुष के साथ खुद को संभालने में जुट गई। 
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पांच दिन पहले से मां की तस्वीर को अधिक देखने लगी थी सारिका
परिजन भी एकाएक उसके शांत स्वभाव को समझ नहीं सके। पांच दिन पूर्व से सारिका मां रोमी की तस्वीर को अधिक देखने लगी थी। परिवार वालों का कहना है कि वह हाथ में तस्वीर लेकर मां की याद में खोई रहती थी। सोमवार को अकेला पाकर वह खुद को संभाल न सकी और कमरे में फंदे से लटककर आत्महत्या कर ली। पिता संजय का कहना है कि मां के गम में ही सारिका ने आत्महत्या की है।

यह भी पढ़ें: Pilibhit News: घर में लटका मिला कक्षा दस की छात्रा का शव, गले में बंधा था दुपट्टे का फंदा
 
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पापा जल्दी आना..मसूर की दाल बना रही हूं
पिता संजय की आंखें नम हैं। सात साल पहले पत्नी और अब इकलौती पुत्री की मौत से वह बदहवास हैं। संजय ने बताया कि सारिका काफी समझदार थी। पत्नी की मौत के बाद घर की जिम्मेदारी भी बखूबी निभा रही थी। सोमवार को खेत पर जाने से पहले उसने कहा कि पापा जल्दी आ जाना, आज खाने में मसूर की दाल बना रही हूं। लौटे तो सारिका तो जीवित नहीं मिली, लेकिन उसने अपना कहना पूरा कर दिया। मरने से पहले उसने पिता के लिए मसूर की दाल के साथ खाना बनाकर रखा था।
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