ये है मामला
इंस्पेक्टर रामसेवक ने स्मैक तस्करी के आरोप में नवदिया अशोक निवासी आलम, नियाज अहमद और अशनूर को 21 अगस्त को थाने में बैठा लिया था। बाद में सात लाख रुपये लेकर आलम व नियाज अहमद को रात में छोड़ दिया था। रुपये नहीं देने के कारण अशनूर को हवालात में ही रखा गया।
अगले दिन सुबह सूचना मिलने पर एसपी दक्षिणी मानुष पारीक, सीओ फरीदपुर गौरव सिंह ने छापा मारा तो इंस्पेक्टर रामसेवक सरकारी पिस्टल और मैगजीन के साथ थाने की दीवार फांदकर भाग निकला। उसके आवास से पुलिस ने 9.85 लाख रुपये बरामद किए थे। सीओ गौरव सिंह ने रामसेवक के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत रिपोर्ट दर्ज कराई थी। मामले की विवेचना सीओ हाईवे नितिन कुमार कर रहे हैं।