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बदायूं पुलिस की दबंगई: वारंटी पकड़ने गलत घर में घुसी पुलिस, युवक से खींचतान, बिना वजह तीसरी बार घुसने का आरोप

Sun, 29 Sep 2024 06:31 PM IST
आकाश दुबे संवाद न्यूज एजेंसी, बदायूं

सार

पुलिस का कहना था कि वो पत्नी से चल रहे मुकदमे की तारीख करने काफी समय से कोर्ट नहीं गया है। जबकि रागिब लगातार कोर्ट में हाजिर हो रहा था।
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घर में घुसी पुलिस - फोटो : वीडियो ग्रैब
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विस्तार
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उत्तर प्रदेश के बदायूं में वारंटियों की गिरफ्तारी का अभियान हर शनिवार की रात को जिला पुलिस चला रही है। जरीफनगर पुलिस ने देर रात वारंटी की तलाश में दबिश दी, लेकिन पुलिस गलत घर में घुस गई। आरोप है कि सिपाहियों ने परिवार के एक सदस्य से खींचतान व बदसलूकी की। इसका वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। वहीं अधिकारी पूरे मामले में भूलवश ऐसा होने की बात कह रहे हैं। 

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जरीफनगर थाना पुलिस क्षेत्र के कस्बा दहगवां में शाकिर के घर देर रात जा धमकी। दरवाजा खुलवाने के बाद पुलिस की पूरी टीम घर के अंदर पहुंची। यहां पुलिस को वारंटी रागिब की तलाश थी। पुलिस का कहना था कि वो पत्नी से चल रहे मुकदमे की तारीख करने काफी समय से कोर्ट नहीं गया है। जबकि रागिब लगातार कोर्ट में हाजिर हो रहा था। पुलिस ने दस्तावेज चेक किए तो चूक का एहसास हुआ। इसी बीच वहां मौजूद एक युवक ने आरोप लगाया कि एक हेड कांस्टेबल ने घर में घुसते ही पीछे से उसकी गर्दन पकड़ ली। इसको लेकर दोनों के बीच कहासुनी भी हुई। 

तीन बार दी गई दबिश
परिजनों का कहना है कि रागिव की तलाश में पुलिस शाकिर के घर में घुस आती है। ऐसा पहली बार नहीं हुआ है। परिवार का कहना है कि पुलिस तीसरी बार घर में घुसी है। इससे पहले भी पिछले दिनों दो बार वारंटी की तलाश में दबिश दी थी। बार-बार पुलिस गलत पते पर जानबूझकर आ रही है। इधर, जरीफनगर के थानाध्यक्ष रविकरन सिंह ने बताया कि भूलवश पुलिस गलत घर में चली गई थी। खींचतान या गर्दन पकड़ने का आरोप निराधार है।
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पुलिस ने जिले भर से पकड़े 50 वारंटी
एसएसपी डॉ. बृजेश कुमार सिंह के निर्देश पर जिले में सभी थाना पुलिस ने शनिवार रात वारंटियों को पकड़ने का अभियान चलाया। पुलिस ने 50 वारंटियों को गिरफ्तार श्या। रविवार को इन वारंटियों को एसएसपी देहात केके सरोज के सामने पेश किया गया। उन्होंने वारंटियों को बताया कि कोर्ट की तारीख को ध्यान करते रहा करें जिससे वारंट जारी न हो। देर शाम सभी वारंटियों को जेल भेज दिया गया। एक माह में 357 वारंटियों को पुलिस जेल भेज चुकी है।
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