लेजर लाइट बंद करने के लिए कहा तो अब्दुल गालियां देकर जान से मारने की धमकी देते हुए घर चला गया। कुछ देर बाद 50 से अधिक लोग लाठी डंडे लेकर आए और मारपीट, तोड़फोड़ पथराव किया। इसमें कई लोग घायल हो गए। इस मामले में पुलिस ने गौसगंज गांव के हीरालाल की तरफ से शनिवार को 50 नामजद समेत 65 लोगों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की है। इनमें 33 लोगों को जेल भेज दिया गया। अन्य आरोपियों की तलाश में पुलिस दबिश दे रही है। सीओ ने अनीता, खेमवती, दिव्या, माया, देववती एवं बेनीराम का मेडिकल कराया। एसडीएम तृप्ती गुप्ता भी शनिवार को गांव पहुंची और रिपोर्ट तैयार कर अधिकारियों को भेजी।
सांसद व विधायक ने पीड़ितों से की मुलाकात
घटना के दूसरे दिन सांसद छत्रपाल गंगवार व मीरगंज विधायक डीसी वर्मा गांव पहुंचे। यहां दोनों ने पीड़ित परिवारों से बातचीत की व न्याय दिलाने का भरोसा दिलाया। दोनों ने पुलिस अधिकारियों से बातचीत कर ग्रामीणों को सुरक्षित माहौल देने के लिए कहा। इसके बाद गांव में सुरक्षा व्यवस्था और बढ़ा दी गई।
ड्रोन से कराई गई निगरानी
सीओ मीरगंज के नेतृत्व में पुलिस टीम ने आरोपियों के घरों पर दबिश दी। पुलिस के पहुंचने से पहले आरोपी घरों को बंद कर फरार हो गए। आरोपियों के घरों की छतों की ड्रोन कैमरे से निगरानी कराई तो छतों पर भारी मात्रा में ईंट पत्थर मिले। उन्होंने थानाध्यक्ष शाही से ईंट पत्थरों को छतों से हटवाकर कड़ी कार्रवाई निर्देश दिए।
पुलिस की लापरवाही भी आई सामने
16 जुलाई की रात में ताजिया प्रतिबंधित जगह पर रखने पर हुई कहासुनी हुई थी। इससे गांव का माहौल बिगड़ने लगा था। पुलिस ने इसे गंभीरता से नहीं लिया। पुलिस गंभीरता दिखाते हुए कार्रवाई करती तो शायद यह घटना नहीं होती। शाही पुलिस ने माहौल बिगाड़ने वालों के खिलाफ शांति भंग तक की कार्रवाई नहीं की।
एसपी दक्षिण मानुष पारीक ने बताया कि आरोपियों की तलाश की जा रही है। गांव में पुलिस फोर्स तैनात कर दिया गया है। गांव का माहौल खराब करने वालों को छोड़ा नहीं जाएगा।