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Bareilly News: गौसगंज बवाल के दो आरोपी मुठभेड़ में गिरफ्तार, एक को लगी गोली; अब तक 33 भेजे गए जेल

Sun, 21 Jul 2024 11:39 AM IST
मुकेश कुमार संवाद न्यूज एजेंसी, बरेली

सार

बरेली के गौसगंज गांव में बवाल करने वाले आरोपियों की धरपकड़ जारी है। इसी क्रम में पुलिस ने शनिवार रात दो और आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। दोनों आरोपी मुठभेड़ के बाद पकड़े गए। इनमें एक आरोपी को गोली लगी है। 
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पुलिस ने अब तक 33 आरोपियों को भेजा जेल - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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बरेली के शाही थाना क्षेत्र के गौसगंज गांव में एक समुदाय की ओर से मारपीट, तोड़फोड़ बलवे के मामले में पुलिस ने 50 नामजद समेत 65 लोगों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की है। इसके अलावा एसओ अमित कुमार ने 75 आरोपियों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई है। इनमें से 33 आरोपियों को शनिवार को जेल भेज दिया गया। शाही पुलिस ने शनिवार रात मुठभेड़ में दो और आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। एक आरोपी आलमगीर को गोली लगी है। 

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दूसरे आरोपी निजाकत अली को तमंचे के साथ गिरफ्तार किया गया। दोनों आरोपी गौसगंज के ही रहने वाले हैं। मुठभेड़ करीब रात एक बजे बिहारीपुर के जंगल में हुई। इसमें एक हेड कांस्टेबल नफीस अहमद भी घायल हुआ है। उधर, शुक्रवार रात हुए बवाल में गंभीर घायल तेजराम की हालत नाजुक बनी हुई है। राममूर्ति अस्पताल में वेंटीलेटर पर उनका उपचार चल रहा है। 

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यह थी घटना 
गौसगंज गांव में मुहर्रम वाले दिन दूसरे समुदाय के लोगों ने मंदिर के सामने ढोल बजाने से मना किया था। इस संबंध में शुक्रवार दोपहर को दूसरे पक्ष ने एक बाग में बैठक की। रात आठ बजे रूपचंद, लालता प्रसाद, रेवीराम, मनोहर लाल, तेज राम, हरपाल, बेनी राम अपने घर के बाहर बैठकर आपस में बातचीत कर रहे थे। इसी दौरान दूसरे समुदाय की तरफ से रूपचंद के घर के अंदर लेजर लाइट डाली जा रही थी। जो कि रूपचंद के भाई अनोखे लाल की पत्नी द्रोपा देवी पर जा रही थी।

लेजर लाइट बंद करने के लिए कहा तो अब्दुल गालियां देकर जान से मारने की धमकी देते हुए घर चला गया। कुछ देर बाद 50 से अधिक लोग लाठी डंडे लेकर आए और मारपीट, तोड़फोड़ पथराव किया। इसमें कई लोग घायल हो गए। इस मामले में पुलिस ने गौसगंज गांव के हीरालाल की तरफ से शनिवार को 50 नामजद समेत 65 लोगों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की है। इनमें 33 लोगों को जेल भेज दिया गया। अन्य आरोपियों की तलाश में पुलिस दबिश दे रही है। सीओ ने अनीता, खेमवती, दिव्या, माया, देववती एवं बेनीराम का मेडिकल कराया। एसडीएम तृप्ती गुप्ता भी शनिवार को गांव पहुंची और रिपोर्ट तैयार कर अधिकारियों को भेजी। 

सांसद व विधायक ने पीड़ितों से की मुलाकात
घटना के दूसरे दिन सांसद छत्रपाल गंगवार व मीरगंज विधायक डीसी वर्मा गांव पहुंचे। यहां दोनों ने पीड़ित परिवारों से बातचीत की व न्याय दिलाने का भरोसा दिलाया। दोनों ने पुलिस अधिकारियों से बातचीत कर ग्रामीणों को सुरक्षित माहौल देने के लिए कहा। इसके बाद गांव में सुरक्षा व्यवस्था और बढ़ा दी गई। 
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ड्रोन से कराई गई निगरानी 
सीओ मीरगंज के नेतृत्व में पुलिस टीम ने आरोपियों के घरों पर दबिश दी। पुलिस के पहुंचने से पहले आरोपी घरों को बंद कर फरार हो गए। आरोपियों के घरों की छतों की ड्रोन कैमरे से निगरानी कराई तो छतों पर भारी मात्रा में ईंट पत्थर मिले। उन्होंने थानाध्यक्ष शाही से ईंट पत्थरों को छतों से हटवाकर कड़ी कार्रवाई निर्देश दिए। 

पुलिस की लापरवाही भी आई सामने
16 जुलाई की रात में ताजिया प्रतिबंधित जगह पर रखने पर हुई कहासुनी हुई थी। इससे गांव का माहौल बिगड़ने लगा था। पुलिस ने इसे गंभीरता से नहीं लिया। पुलिस गंभीरता दिखाते हुए कार्रवाई करती तो शायद यह घटना नहीं होती। शाही पुलिस ने माहौल बिगाड़ने वालों के खिलाफ शांति भंग तक की कार्रवाई नहीं की। 

एसपी दक्षिण मानुष पारीक ने बताया कि आरोपियों की तलाश की जा रही है। गांव में पुलिस फोर्स तैनात कर दिया गया है। गांव का माहौल खराब करने वालों को छोड़ा नहीं जाएगा। 
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