मौके पर मौजूद पुलिस अधिकारी
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आरोपी को अस्पताल में कराया गया भर्ती
सूचना पर इज्जतनगर पुलिस पहुंच गई। आरोपी उत्तराखंड के खटीमा के इस्लामनगर मोहल्ले का रहने वाले अकरम को पुलिस की निगरानी में जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है। बाकी दोनों लोग भी दूसरे समुदाय के शहर के ही निवासी निकले। पुलिस थाने ले जाकर उनसे पूछताछ कर रही है।
वहीं, धर्मस्थल में तोड़फोड़ की सूचना पाकर योगी सरोज नाथ ने कहा कि सावन शुरू होते ही खुराफात शुरू हो गई है। वीडियो वायरल कर उन्होंने कहा कि जब तक इस घटना के अपराधी जेल नहीं चले जाते, तब तक वह लगातार हनुमान चालीसा पढ़ते रहेंगे।
'सरगना की हो तलाश'
हिंदू जागरण मंच के महानगर अध्यक्ष दुर्गेश गुप्ता अपने साथियों के संग मौके पर पहुंचे। कुछ अन्य हिंदूवादी संगठनों के पदाधिकारी भी यहां आ गए। सभी ने नारेबाजी व हंगामा किया। दुर्गेश गुप्ता ने कहा कि युवक को सिरफिरा साबित करने का प्रयास किया जा रहा है। जबकि, उसने सरगना के इशारे पर सुनियोजित तरीके से सावन में माहौल खराब करने की योजना बनाई थी। इसीलिए आबादी से दूर एकांत का मंदिर चुना।
मंदिर में जाकर थोड़ी देर झाड़ू भी लगाई, ताकि कोई उस पर शक न करे। उन्हें लगता है कि अन्य दोनों लोग भी उसके साथी हैं जो उसकी निगरानी करने आए थे। विदेशी मुद्रा मिलना भी साजिश का संकेत है। वह घटना करके निकल जाता तो कुछ पता ही नहीं चलता। पुलिस को पर्दे के पीछे छिपे साजिशकर्ता को सामने लाना चाहिए।
एसपी सिटी राहुल भाटी ने बताया कि पुलिस और एसओजी ने आरोपी से पूछताछ की है। वह खुद को डिप्रेशन का रोगी बता रहा है। किसी डॉक्टर से इलाज के पर्चे भी मिले हैं। हालांकि पूरी सच्चाई पता करने के लिए उसके रिश्तेदारों को बुलवाया है और उसका रिकॉर्ड उत्तराखंड पुलिस की मदद से चेक करा रहे हैं। सीसीटीवी फुटेज में वह मंदिर में अकेले ही जाते दिखा है।