बरेली में जमीन दिखाकर रुपये हड़पने वाले महिपाल प्रधान के गिरोह के दो शातिरों को क्राइम ब्रांच ने सोमवार को गिरफ्तार कर लिया। कोर्ट ने उन्हें जेल भेज दिया। दोनों धोखाधड़ी के मुकदमे में वांछित थे। इन पर एसएसपी ने 15-15 हजार रुपये का इनाम घोषित कर रखा था।
मीरगंज के गांव मसीहाबाद के प्रधान महिपाल यादव और उसके रिश्तेदार नन्हे यादव का गिरोह करीब पांच साल से जिले में काश्तकारों से धोखाधड़ी कर कई करोड़ रुपये ठग चुका है। गिरोह के लोग सेठ, फैक्टरी मालिक, होटल मालिक, मैनेजर, सर्वेयर और वकील बनकर ग्रामीणों से मिलते थे। फिर फैक्टरी लगाने या नामी होटल बनाने के लिए जमीन खरीदने का झांसा देकर उनसे ठगी कर लेते थे। गिरोह के खिलाफ करीब दो दर्जन मुकदमे दो साल में दर्ज किए गए हैं।
एसपी क्राइम मनीष कुमार सोनकर ने बताया कि मुकदमों की विवेचना क्राइम ब्रांच को दी गई थी। भोजीपुरा थाने में दर्ज ठगी के मुकदमे में गिरोह के सदस्य आंवला के ढिलवारी निवासी सलीम और अबरार वांछित चल रहे थे। क्राइम ब्रांच की टीम ने दोनों को भोजीपुरा क्षेत्र से गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ में दोनों ने स्वीकार किया कि वे ग्रामीणों को जमीन खरीदने का झांसा देकर ठगी करते थे।