बरेली। बरेली-लखनऊ हाईवे के फरीदपुर टोल पर वाणिज्यकर की चेकिंग के लिए ट्रक रोके जाते हैं। टोल के निकट मुख्य मार्ग पर ट्रक व अन्य वाहन खड़े होने की वजह से हादसे का खतरा बढ़ गया है। इस संबंध में एनएचएआई के परियोजना प्रबंधक ने वाहनों को खड़ा होने से रोकने के लिए डीएम को पत्र भेजा है।
बरेली-लखनऊ हाइवे पर हर रोज 16000 से अधिक वाहन खतरे के बीच गुजरते हैं। टोल के दोनों ओर पार्किंग की अनुमति नहीं है, लेकिन वाणिज्यकर विभाग का सचल दल सुबह दस से दोपहर दो बजे तक ट्रकों व अन्य भारी वाहनों को रोक लेते है। तमाम वाहन खड़े होते है तो वाहनों का आवागमन बाधित होता है। टोल का संचालन कर रही फर्म के अधिकारियों ने राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण के परियोजना निदेशक को हालात से अवगत कराया। एनएचएएआई परियोजना निदेशक प्रशांत दुबे ने बताया कि अवैध तरीके से ट्रक व अन्य वाहन खड़े होने से सफर असुरक्षित हो रहा है और हादसे का खतरा है। कई बार टोल प्लाजा वालों ने मना किया, लेकिन वाणिज्यकर विभाग के अधिकारी नहीं माने। इसे लेकर अब डीएम को पत्र भेजा है।
एनएचएआई की ओर से एक बार पहले भी पत्र आया था तब मैंने सचल दल को निर्देश दिए थे कि वाहनों को इस तरह से न खड़ा करें, जिससे जाम लगे। अगर ऐसी समस्या आ रही है तो उसे दिखवाएंगे। टोल के आगे वाहन इसलिए रोकते हैं, क्योंकि वहां पर रफ्तार धीमी होती है और उन्हें रोककर चेकिंग करना आसान होता है। - एचपी राव दीक्षित, अपर आयुक्त जीएसटी, ग्रेड वन
चेकिंग के दौरान गाड़ियों की अवैध पार्किंग से फैलती है अव्यवस्था
बरेली-लखनऊ हाईवे पर स्थित मोहम्मदी टोल प्लाजा के मैनेजर सचिन कुमार का कहना है कि चेकिंग के दौरान तमाम गाड़ियां टोल प्लाजा के निकट खड़ी करा दी जाती हैं। इससे अव्यवस्था फैलती है। नियम यह है कि टोल से 500 मीटर दूरी तक कोई भी वाहन खड़ा न हो, लेकिन जब टोल के निकट जीएसटी चेकिंग होती है तो लेन में आवागमन प्रभावित होता है और ट्रक खड़े होने से हादसे का खतरा रहता है। मोहम्मदी टोल पर 7 दिसंबर को हुए हादसे के बाद एनएचएआई ने सतर्कता दिखाई है। लखीमपुर के डीएम को भी पत्र भेजा गया है। अमर उजाला ब्यूरो