घर खर्च के लिए कोई पैसा न देने के बावजूद बीवी के काम पर जाने से पति इतना भड़का कि उसे तीन तलाक दे दिया। बीवी ने कानूनी कार्रवाई की चेतावनी दी तो फतवा ले आया और उस पर हलाला कराने का दबाव बना रहा है। पीड़ित महिला ने मेरा हक फाउंडेशन की अध्यक्ष फरहत नकवी से इंसाफ दिलाने की फरियाद की है, साथ ही थाना बारादरी में तहरीर भी दी है।
जगतपुर में रहने वाली शबाना के मुताबिक उनका निकाह 1995 में पशुपति विहार कॉलोनी में रहने वाले अय्यूब के साथ मुस्लिम रीति रिवाज से हुआ था। 1997 में उनकी बड़ी बेटी सिमरन का जन्म हुआ जो काफी दिन बीमार रही लेकिन अय्यूब ने उसके इलाज के लिए पैसा नहीं दिया। इस पर शबाना ने दूसरे घरों में काम करना शुरू कर दिया। अय्यूब घर खर्च देने के बजाय शराब पीता था। इसी बीच दूसरी बेटी हो गई।
शबाना का आरोप है कि पति ने कभी कोई खर्च नहीं दिया। खर्चा मांगने पर वह उन्हें तीन तलाक की धमकी देता था और मारपीट कर उसकी कमाई छीन लेता था। कुछ महीने पहले वह जरी का काम करने मेरठ गया। अप्रैल में लौटा तो उस पर काम बंद करने का दबाव बनाने लगा। 18 अप्रैल को वह उसके मना करने के बावजूद काम पर जाने के लिए घर से निकली, तभी उसने अपने परिवार के सामने तीन तलाक दे दिया। इसके बाद उन्हें और उनके बच्चों पीटकर घर से निकाल दिया।
शबाना के मुताबिक कानूनी कार्रवाई की चेतावनी देने पर पति और ससुराल वाले फतवा ले आए हैं और उन पर हलाला का दवाब बना रहे हैं। शबाना ने थाना बारादरी में पति और ससुराल वालों के खिलाफ तहरीर दी है। बच्चों की सुरक्षा की भी गुहार लगाई है।