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टोल प्लाजा अब ओवरलोडिंग ‘टैक्स’ भी वसूलेगा

Mon, 11 Jan 2016 01:29 AM IST
बरेली
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बरेली। यूपी में हजारों करोड़ रुपये से तैयार फोरलेन और बाईपास जगह जगह से उखड़ने लगे हैं। एनएचएआई और राजमार्ग व्यवस्था अधिकारी इसके लिए भारी वाहनों को दोषी मान रहे हैं। इसलिए अब ओवरलोड वाहनों से दस गुना जुर्माना बतौर टोल वसूली होगी। नयी व्यवस्था सभी टोल पर लागू कर दी गयी है। अगर यह जुर्माना टोल पर नहीं दिया जाएगा तो ओवरलोड माल प्लाजा वाले वहीं उतार देंगे।
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फोरलेन निर्माण कार्य में निर्धारित मानकों का पालन नहीं किया गया है। सर्द मौसम में लेपन कार्य कराया गया और एक ओर सड़क बनी दूसरी ओर हाईवे चालू कर दिया गया। इससे कुछ माह में फोरलेन, बाईपास और बड़ा बाईपास जगह-जगह बैठने लगा है। बड़ा बाईपास से रामपुर तक तीन सौ से ज्यादा पैच लगाए गए हैं। फतेहगंज, मीरगंज, मिलक और रामपुर में बड़े बड़े पैच लगाए जा रहे हैं। इसलिए कई जगह यातायात व्यवस्था बदली गयी है। मुरादाबाद से गाजियाबाद तक और ज्यादा स्थिति खराब है। बरेली - बहेड़ी, किच्छा हाईवे भी उद्घाटन होते ही खस्ता हाल होने लगा है। यह स्थिति यूपी में सभी फोरलेन मार्गों पर बनी हुई है। एनएचएआई अब सड़कों की खस्ताहालत के बहाने जुर्माना वसूलेगा और सड़कें भी कम खराब होंगी।

ओवरलोडिंग पर यह होगी व्यवस्था
एनएचएआई ने इसकी अधिसूचना जारी कर दी है। क्षेत्रीय अधिकारी एनएचएआई की ओर से जारी आदेश के मुताबिक अब हर टोल प्रवेश पर निर्धारित भार से ज्यादा मिलने पर वाहन रोके जाएंगे। वाहन से अतिरिक्त सामान उतारने अथवा टोल फीस का दस गुना देना होगा। चालक/ मालिक जुर्माना देने से मना करता है तो उसका वाहन क्रेन से खिंचवा कर अलग कर दिया जाएगा। इसका खर्चा एक हजार रुपये वाहन मालिक से वसूला जाएगा। टोल परिसर में वाहन खड़ा होने पर 50 रुपये प्रति घंटा हर्जाना देय होगा। सात दिन बाद वाहन पुलिस को सौंप दी जाएगी। क्षेत्रीय अधिकारी एनएचएआई ने नयी व्यवस्था लागू कर सभी टोल पर तौलयंत्र सुचारु करने के निर्देश दिए हैं।
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बाईपास उखड़ने पर दो अफसरों को नोटिस
बरेली। जगह जगह बड़ा बाईपास उखड़ने की खबर अमर उजाला में प्रमुखता से प्रकाशित होने पर एनएचएआई ने कड़ा रवैया अपनाया है। इसे आईएलएफएस कंपनी ने तैयार कराया है। कंपनी ने स्थानीय ठेकेदारों से काम कराया। सर्द मौसम में ठंडा तारकोल मिली सामग्री इस्तेमाल होने से कई जगह परतें उखड़ी हैं। राजमार्ग प्राधिकरण ने निर्माण कंपनी पर नाराजगी जतायी तो दो परियोजना प्रबंधकों को नोटिस थमा दिया। बताया जाता है कि कंपनी दामन बचाने को इन दोनों को बाहर का रास्ता दिखाने की तैयारी कर रही है।

यह टोल किसके खाते में जाएगा
हर टोल पर ठेकेदार ही वसूली करते हैं। वाहनों का टैक्स तो ठेकेदार के खाते में जाता है लेकिन जो ओवरलोड वाहनों पर जुर्माने की वसूली होगी वह किसके खाते में जाएगी यह साफ नहीं किया गया है। क्या यह ठेकेदार लेगा या एनएचएआई इस धन को कैसे टोल से अलग करेगी इसका खुलासा नहीं किया गया है।

‘ओवरलोडिंग रोकना परिवहन विभाग का ही सहयोग है, लेकिन वसूला गया जुर्माना किस खाते में जमा होगा, इसका परीक्षण करेंगे।’
- एसपी त्रिपाठी, उप परिवहन आयुक्त
वर्जन:

‘अति भारित वाहनों से दस गुना टोल वसूली हेतु अधिसूचना जारी हो गयी है। सभी टोल प्लाजा पर प्रचार प्रसार भी होगा, नयी व्यवस्था लागू करायी जा रही है। इससे होने वाली आय टोल आय में जमा होगी।’
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- एमके अग्रवाल, प्रोजेक्ट मैनेजर, एनएचएआई
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