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आज खुल जाएंगे मस्जिद के दरवाजे, बशर्ते बवाल न हो

Mon, 06 Jun 2016 01:31 AM IST
ब्यूरो, अमर उजाला बरेली
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कुतुबखाना म‌स‌िजद
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अगर सबकुछ ठीक रहा तो कुतुबखाना मस्जिद सोमवार को खुल सकती है। वक्फ बोर्ड का फैसला आने के बाद जिलाधिकारी गौरव दयाल ने शांति व्यवस्था बनाए रखने के साथ ही दोनों पक्षों से फैसले को लागू कराने के लिए सहयोग मांगा है। प्रशासन लगातार दोनों पक्षों के संपर्क में है और फैसले के बाबत बता दिया गया है। वक्फ बोर्ड ने अंजुमन इस्लामियां के सचिव को इमाम की नियुक्ति का अधिकार दिया है। 
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पिछले साल 18 मई को मस्जिद में इमाम की तैनाती को लेकर बवाल शुरू हुआ था। बाद में मस्जिद में नमाज रुकवा दी गई और ताला डालाकर चाभी प्रशासन को सौंप दी गई। वार्ता से जब मामला हल नहीं हुआ तो सुन्नी वक्फ बोर्ड को प्रकरण भेजकर फैसले के लिए कहा गया। 31 मई का फैसला वक्फ बोर्ड ने शनिवार की रात को जिलाधिकारी को भेजा। मस्जिद प्रकरण पर तनाव को देखते हुए प्रशासन ने फैसला अगले दिन पर टाल दिया। रविवार को दिनभर मस्जिद के खुलने और न खुलने को लेकर हलचल मची रही। दोनों पक्षों के लोग प्रशासन के संपर्क में रहे और ताजा हालात जानने का प्रयास करते रहे। प्रशासन ने वक्फ बोर्ड के फैसले को लागू कराने की तैयारी तो कर ली है लेकिन पूर्व में हुए तनाव को देखते हुए एहतियातन दोनों पक्षों की सहमति बनाने की कोशिश करता रहा। माना जा रहा है कि सोमवार को मस्जिद के दरवाजे खुल जाएंगे बशर्ते किसी तरह का बवाल न हो। 

सभी पक्षों सुन्नी वक्फ बोर्ड के निर्णय का सम्मान करने की अपील की गई है। शांति व्यवस्था बनाए रखें और वक्फ बोर्ड के निर्णय का क्रियान्वयन कराने में सभी प्रशासन का सहयोग करें। जो भी पक्ष वक्फ बोर्ड के निर्णय से असहमत हो वह सक्षम न्यायालय से अनुतोष प्राप्त करने के लिए स्वतंत्र है-गौरव दयाल, जिलाधिकारी
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क्या है सुन्नी वक्फ बोर्ड का फैसला
उत्तर प्रदेश वक्फ बोर्ड ने जो अपना फैसला सुनाया है उसमें देवबंद बरेलवी पक्ष की बात न करते हुए वक्फ संस्था अंजुमन इस्लामिया के पक्ष की बात कही है। इसमें बोर्ड ने वक्फ एक्ट के तहत फैसला देते हुए लिखा है कि अंजुमन इस्लामियां के सचिव / मुतवल्ली को मस्जिद में इमाम और मोअज्जिन रखने का अख्तियार है। इस संबंध में वक्फ बोर्ड के सहायक सचिव आले अतीक ने जिलाधिकारी को पत्र भेजा है। इसमें कहा गया है, ‘31 मई को बोर्ड से हुए निर्णय के मुताबिक वक्फ मस्जिद कुतुबखाना वक्फ संख्या 205, बरेली में इमाम की नियुक्ति का अधिकार विधि अनुसार मुतवल्ली को प्राप्त है। इस कार्यालय (वक्फ) के अभिलेखों के अनुसार उपरोक्त वक्फ के मुतवल्ली अंजुमन इस्लामिया बरेली के हुमायूं रियासत सचिव हैं। अत: इमाम की नियुक्ति उनके स्तर से होनी है’।

क्या हुआ था विवाद
मस्जिद के इमाम को 18 मई को बच्चे से कुकर्म के आरोप में पकड़कर जेल भेजा गया था। इमाम को हटा दिया गया और अंजुमन इस्लामियां ने नए इमाम की नियुक्ति कर दी थी। इसी को लेकर दवबंद मसलक के लोग विरोध में आ गए और 25 मई को दोनों पक्ष सड़कों पर उतर आया। पथराव, लाठी चार्ज हुआ। 30 मई को कोतवाली में धरना और घेराव किया गया। उसी दिन मस्जिद में नमाज पर पाबंदी लगा दी गई। मस्जिद में ताला डाल दिया गया। आठ जून को इसी मुद्दे को लेकर लखनऊ में प्रदर्शन हुआ। जिलाधिकारी ने 7 जुलाई 2015 को मसौदा बना कर यह मामला फैसले के लिए वक्फ बोर्ड के चेयरमैन को भेज दिया। इसमें पहली सुनवाई 28 जुलाई 2015 को हुई थी और अंतिम सुनवाई पिछली 31 मई को हुई थी इसी में फैसला हो गया था। 
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