बरेली। जंक्शन के पार्किंग एरिया से रविवार रात तीन साल की बच्ची का अपहरण कर लिया गया। बच्ची की मां सुभाषनगर क्षेत्र की गली नंबर 10 निवासी बिट्टो देवी की सूचना पर जीआरपी हरकत में आई। 14 घंटे में ही बच्ची को तलाश लिया और पीलीभीत निवासी आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। बच्ची को उसकी मां के सुपुर्द किया गया है।
इंस्पेक्टर जीआरपी एसके वर्मा ने बताया कि सुभाषनगर की गली नंबर 10 निवासी शिवम कश्यप दो साल से जेल में है। उसकी पत्नी बिट्टो तीन बच्चों के साथ जंक्शन के बाहर रहती है। रविवार रात 10 बजे उसने अपनी तीन साल की बेटी के लापता होने की सूचना दी। अपहरण की धाराओं में रिपोर्ट दर्ज कर जंक्शन के सीसी फुटेज खंगाले गए। रात में ही संयुक्त टीम जुट गई।
सोमवार दोपहर 12 बजे इज्जतनगर स्टेशन के प्लेटफाॅर्म नंबर दो से पीलीभीत के बरखेड़ा थाना क्षेत्र के गांव पतरसिया निवासी धर्मपाल को गिरफ्तार कर लिया गया। उसके पास से अगवा बच्ची भी मिली। वह कुछ बोल नहीं पा रही थी। आरोपी नशे की हालत में था। पूछताछ में वह भी संतोषजनक जवाब नहीं दे रहा है। सोमवार को उसे न्यायिक मजिस्ट्रेट के समक्ष पेश किया गया। वहां से जेल भेज दिया गया। उसका आपराधिक इतिहास खंगाला जा रहा है। पूछताछ के लिए आरोपी को रिमांड पर लिया जाएगा।
बच्ची के अपहरण की सूचना मिलने के बाद एसएसपी जीआरपी आशुतोष शुक्ला ने तलाश के लिए संयुक्त टीम गठित की। बरेली जंक्शन, बरेली सिटी, इज्जतनगर जीआरपी के साथ सिविल पुलिस भी बच्ची की तलाश में जुट गई। 14 घंटे में पुलिस टीमों ने 110 से ज्यादा सीसी कैमरे खंगाले। कई संदिग्धों से पूछताछ की। आरोपी की अंतिम लोकेशन इज्जतनगर स्टेशन के आसपास मिली। इसके बाद जीआरपी की टीमों ने वहां जाल बिछा दिया और बच्ची को सकुशल खोजने के साथ आरोपी को भी दबोच लिया।
जंक्शन के प्लेटफाॅर्म नंबर एक से 28 अगस्त की रात भी साढ़े तीन साल की बच्ची का अपहरण हुआ था। हरिद्वार निवासी मोनू अपनी पत्नी रूपवती के साथ 28 अगस्त को दवा लेने बरेली आए थे। रूपवती दवा लेने चली गईं और मोनू बेटी के साथ जंक्शन के प्लेटफॉर्म पर चादर बिछाकर सो गया। मौका पाकर उनकी बेटी का अपहरण कर लिया गया। जीआरपी ने चार सितंबर को शाहजहांपुर के थाना गढि़या रंगीन के मोहल्ला बड़ी बाजार निवासी कुसुम को गिरफ्तार किया था। पूछताछ में पता लगा कि कुसुम ने पति नन्हे के साथ मिलकर बच्ची को नि:संतान दंपती को बेचने के लिए अगवा किया था।
27 मार्च 2025 को पूर्णागिरि से परिवार के साथ लौट रही एटा की किशोरी से बरेली सिटी स्टेशन पर दुष्कर्म हुआ था। इसके बाद उसे बदहवास हालत में झाड़ियों में फेंक दिया गया था। यह मामला देशभर में सुर्खियों में रहा। डॉग स्क्वाॅड, फॉरेंसिक एक्सपर्ट के साथ ही जीआरपी और पुलिस की 10 टीमों को लगाए जाने के बाद आरोपी को 30 अप्रैल को गिरफ्तार किया जा सका था। खुलासे में देरी के कारण जीआरपी के साथ सिविल पुलिस की भी काफी किरकिरी हुई थी। इससे सबक लेकर इस बार जीआरपी ने सतर्कता दिखाई।