बरेली में जालसाजों ने रेलवे में नौकरी दिलाने का झांसा देकर बेरोजगार युवक से 170000 रुपये ठग लिए। शातिर उसे प्रशिक्षण के बहाने कानपुर स्टेशन के पास मालगोदाम में कई दिन घुमाते रहे। इसके बाद फर्जी आईकार्ड थमा दिया। प्रेमनगर थाने में धोखाधड़ी की रिपोर्ट दर्ज की गई। पुलिस ने तीन आरोपियों को कुदेशिया पुल से गिरफ्तार कर लिया। तीनों को कोर्ट में पेश किया गया, जहां से जेल भेज दिया गया।
भूड़ मोहल्ला निवासी तरुण जौहरी ने पुलिस को बताया कि मोहल्ले के निवासी अनूप सक्सेना का उनके घर आना-जाना था। अनूप ने उन्हें रेलवे में नौकरी दिलवाने का झांसा देकर 170000 रुपये ले लिए। फिर वह प्रशिक्षण के नाम पर तरुण को कानपुर ले गया। वहां वह लोग चार दिन तक होटल में रुके, इसका खर्चा भी तरुण से ही कराया। वहां कानपुर रेलवे स्टेशन पर रोहित और सुमित मिले। यह लोग मिलकर उसे रोज रेलवे मालगोदाम घुमाते थे।
उसे बताते थे कि तुमको यहीं पर काम करना है, अभी तुम्हारा प्रशिक्षण चल रहा है। इन लोगों ने उन्हें रेलवे का फर्जी आईकार्ड बनाकर थमा दिया। जब वह नौकरी करने रेलवे अधिकारियों के पास पहुंचा तो उसे इस धोखाधड़ी का पता लगा। उन्होंने अनूप सक्सेना से रुपये मांगे तो वह धमकाने लगा। प्रेमनगर थाना प्रभारी आशुतोष रघुवंशी ने बताया कि तरुण की शिकायत पर रिपोर्ट दर्ज कर ली। आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया।
ये आरोपी हुए गिरफ्तार
अनूप कुमार सक्सेना निवासी सिविल लाइन, थाना कोतवाली
विनीत निवासी मोहल्ला जाटवपुरा, थाना प्रेमनगर
रोहित सिंह निवासी कृष्णा बिहार, थाना प्रेमनगर