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सुरमा बरेली वाला... को शोहरत दिलाने वाले हसीन नहीं रहे

Sat, 02 Oct 2021 01:58 AM IST
बरेली ब्यूरो अमर उजाला नेटवर्क, बरेली

सार

कई दिन से नासाज थी तबीयत, दोपहर को अचानक हुआ इंतकाल, हाशमी परिवार की चौथी पीढ़ी के सदस्य थे एम हसीन हाशमी, देर रात किया गया सुपुर्दे खाक, तमाम लोगों ने दी आखिरी विदाई
 
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एम हसीन हाशमी। (फाइल फोटो)
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दुनिया भर में बरेली के सुरमे को पहचान दिलाने वाले एम हसीन हाशमी नहीं रहे। 76 वर्षीय हाशमी की तबीयत कई दिनों से नासाज थी। शुक्रवार दोपहर उन्होंने दुनिया को अलविदा कह दिया। देर रात हुसैन बाग के कल्लू शाह तकिया कब्रिस्तान में उन्हें सुपुर्द-ए-खाक किया गया। इस दौरान सैकड़ों नम आंखों ने उन्हें विदाई दी।
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सुरमा कारोबार में चौथी पीढ़ी के सदस्य थे एम हसीन
एम हसीन हाशमी बरेली में सुरमा कारोबार को स्थापित करने हाशमी परिवार की चौथी पीढ़ी के सदस्य थे। उन्होंने 1971 में यह कारोबार संभालने के बाद उसे ऊंचाइयों तक पहुंचाया और देश और देश के बाहर तक शोहरत दिलाई। शुक्रवार को उनके इंतकाल की खबर शहर में फैली तो उनके निवास पर अफसोस जताने वालों का तांता लग गया।


काफी समय से चल रहे थे बीमार
उनके बेटे शावेज ने बताया कि उनकी तबीयत काफी समय से खराब थी। वे घर पर ही इलाज करा रहे थे। दोपहर तक वह सभी से बातचीत करते रहे। करीब साढ़े 12 बजे अचानक तबीयत बिगड़ने के बाद 1:05 बजे उनका इंतकाल हो गया। रात 10 बजे जामा मस्जिद पर नमाज-ए-जनाजा के बाद कल्लू शाह के तकिया में उन्हें सुपुर्द-ए-खाक कर दिया गया।
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मिलनसार और मददगार शख्सियत के थे हसीन
लोगों की मदद करने और मिलनसार रवैये की वजह से शहर में काफी लोग एम हसीन हाशमी के कद्रदान थे। उन्हें कौमी एकता की मिसाल भी कहा जाता था। 1991 वह सभासद का चुनाव जीते और बरेली नगर महापालिका के उपाध्यक्ष बने। 1980 में उन्होंने जुलूसे मोहम्मदी की शुरुआत की। बरेली में कई अंतर्राष्ट्रीय मुशायरों का आयोजन किया। देश के जानेमाने शायरों से उनकी नजदीकी रही।

दो बेटे और एक बेटी के पिता थे हसीन
दो बेटे सोहेल हाशमी और हाजी शावेज हाशमी के साथ उनके एक बेटी भी है। पेश की खिराजे अकीदत एम हसीन हाशमी के इंतकाल पर आईएमसी मुखिया मौलाना तौकीर रजा खां, डॉ नफीस खां, मुनीर इदरीसी, अफजाल बेग, जनसेवा टीम के अध्यक्ष पम्मी खान वारसी, समाज सेवा मंच के अध्यक्ष नदीम शमसी, रुहेलखंड ट्रस्ट के नाजिम बेग, कासिम कश्मीरी, अंजुमन गुलदस्ते हैदरी के शानू काजमी, जफर अब्बास नकवी आदि ने गम का इजहार किया है।

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