मौसम विभाग के विशेषज्ञों ने इस बार भारी बारिश की भविष्यवाणी की है। अगर ये भविष्यवाणी सच साबित हुई तो शहर किला ओवरीब्रिज से मिनी बाईपास और बाकरगंज होकर निकलने वाली निर्जीव सी किला नदी बड़ी मुसीबत का सबब बन सकती है। किला नदी की जमीन पर कब्जे होने से ये नाले में तब्दील हो चुकी है। सैदपुर हाकिंस में बने अवैध पुल की वजह से नदी जाम है। अगर मानसूनी बारिश में किला नदी को गुस्सा आया तो क्या होगा।
उत्तराखंड के बरीबरा डैम से निकली देवरनियां नदी (बरेली में इसे किला नदी के नाम से जानते हैं) बहेड़ी में राही नवादा, धुनैया, बिहारीपुर गांवों से होते हुए भोजीपुरा एसआरएमएस के पीछे से होते हुए पूरब दिशा में बह्रकर मिनीबाईपास से होकर किला पर निकलती है। दो दशक पहले तक नदी की चौड़ाई 60 फुट से अधिक थी। जगह-जगह नदी की जमीन पर कब्जे होने से ये चौड़ाई घटकर 15 फुट से भी कम रह गई। सैदपुर हाकिंस में नदी पार बिल्डर प्लाटिंग कर रहे हैं। इसके लिए बिल्डर ने कालोनी वालों से मिलकर अनाधिकृत तरीके से नदी पर पुल बना रखा है। यहां पानी कम है। नदी के अंदर बड़ी-बड़ी घास उगी खड़ी है जिससे नदी का बहाव थम सा गया है। थोड़ा आगे चलकर नदी के किनारे तक लोगों ने मकान बना लिए हैं। किला ओवरब्रिज से पहले तक नदी पूरी तरह सिकुड़ गई है। मिनी बाईपास रोड पर पेट्रोल पंप और अस्पताल के पीछे नदी की जमीन पर प्लाटिंग का काम चल रहा है। यहां नदी किनारे धोबीघाट के लिए 11 बीघे जमीन छोड़ी गई थी। इस पर भी आए दिन कब्जा होने की शिकायतें होती रहती हैं। आनंद विहार कालोनी से बाकरगंज तक नदी के किनारे पहले ही बड़ी संख्या में मकान बन चुके हैं। यहां वर्तमान में भी निर्माण चल रहा है। इस इलाके में आस-पास की जमीन पर अनाधिकृत कब्जा होने से नदी का बहाव पूरी तरह बंद है। बाकरगंज में नदी की चौड़ाई दो तिहाई से भी कम हो गई है। किला नदी बाकरगंज से आगे ऊंचा गांव में जाकर रामगंगा में मिलती है।
... तो तिहाई शहर में मचेगी तबाही
पिछले पांच साल में मानसूनी बारिश सामान्य से काफी कम हो रही है। मौसम विभाग की भारी बारिश होने की भविष्यवाणी सच साबित होती है तो किला नदी कुदेशिया फाटक, किला ओवरब्रिज, मिनीबाईपास, बाकरगंज समेत लगभग एक इलाके में भारी तबाही मचाएगी क्योंकि इन इलाकों में नदी की जमीन पर अतिक्रमण करके बड़ी संख्या में मकान बनाए गए हैं। लंबे समय से नदी की सफाई न होने से पानी का बहाव रुका है।
‘नदी की जमीन पर बिल्डर अवैध कब्जे कर रहे हैं। मिनी बाईपास और सैदपुर हाकिंस में नदी बची ही कहां है। शहर के अंदर किला नदी नाला बन चुकी है। कब्जेदारों का बस चले तो वह नदी के अंदर मकान बना दें। अवैध पुल से नदी का बहाव रुका है। भारी बारिश होने पर ये बहुत खतरनाक हो सकता है।’ मनीषा सक्सेना, पार्षद