बियाबानी कोठी के पास सड़क से ऊपर उठा डिप।
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो, बरेली
नई बनी सड़कों पर दस इंच तक ऊंचे छोड़े गए डिप ले रहे हैं रीढ़ की मजबूती का इम्तहान
बरेली। सीवर लाइन के लिए खोदाई के बाद जिन सड़कों को दोबारा बनाया गया है, वे बेशक विकास की फेहरिस्त में शामिल हो गई हैं लेकिन अब भी लोगों को कष्ट दे रही हैं। पहले लोग इन सड़कों पर गहरे गड्ढों की वजह से झटका खाते थे, अब सीवर चैंबर के दस इंच तक ऊंचे डिप लोगों की रीढ़ का इम्तहान ले रहे हैं। दोपहिया वाहन लेकर निकलने वाले लोग इन डिप की वजह से हादसे के भी शिकार हो रहे हैं।
शहर में पिछले साल सीवर लाइन बिछाने के लिए सड़कें खोदी गईं थीं। सीवर लाइन डालने के बाद उसके चैंबर के ऊपर डिप बनाए गए तो सारे मानकों को ताक पर रख दिया गया। कई चैंबर सड़क का निर्माण होने के बावजूद उससे 10 इंच तक ऊपर तक निकले हुए हैं। रफ्तार से गुजरती गाड़ियां डिप के ऊपर पहिया चढ़ते ही उछल जाती हैं। अक्सर उनके बंफर तक डिप से टकराकर क्षतिग्रस्त हो जाते हैं। दोपहिया वाहनों के लिए तो असंतुलित होकर गिरने का भी खतरा रहता है। ईसाईयों की पुलिया से बियावानी चौराहा, चौकी चौराहा और पोस्टमार्टम हाउस के सामने से गुजरने वाली सड़क पर लोग ये समस्या झेल रहे हैं। जल निगम के एक्सईएन संजय कुमार का कहना है कि सड़कों पर मरम्मत का काम अभी चल ही रहा है। जहां भी इस तरह के डिप बने हुए हैं, वहां मरम्मत करा दी जाएगी।
पोस्टमार्टम हाउस के सामने डिप से जोड़ दिया ब्रेकर
पोस्टमार्टम हाउस के सामने बनाए गए स्पीड ब्रेकर को ऊंचे उठे डिप से जोड़कर और खतरनाक बना दिया गया है। रफ्तार से आती गाड़ियां यहां बुरी तरह उछल जाती हैं। उनके दुर्घटनाग्रस्त होने का भी खतरा बना रहता है।
पटेल चौक से चौपुला के बीच बैठ गई नई सड़क
पटेल चौक से चौपुला के बीच बनी नई सड़क रोटरी भवन के सामने बैठ गई है। नई सड़क पर पहली बार गुजरने वाले लोग इस गड्ढे की उम्मीद नहीं कर पाते लिहाजा उन्हें एकाएक ब्रेक लगाने पड़ते हैं या फिर तगड़ा झटका खाना पड़ता है।