इलाके में खूंखार कुत्तों का आतंक कम होने का नाम नहीं ले रहा है। अब 25 साल का युवक कुत्तों का शिकार बना है। उसे 10 जून को बुरी तरह नोचकर घायल कर दिया था। शनिवार को इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई।
इटौवाधुरा के किसान खेमकरन का 25 वर्षीय बेटा रमेश कुमार 10 जून की शाम गांव से करीब दो किलोमीटर की दूरी पर अपने खेत में पशुओं के लिए चारा काटने के लिए गया था। अचानक 12 से ज्यादा कुत्तों ने उस पर हमला कर दिया। उसके गाल और पैर में नुकीले दांत लगा दिए। खेतों पर काम कर रहे मजदूरों ने लाठी-डंडों से कुत्तों को भगाया। रमेश को तुरंत सीएचसी ले जाया गया। हालत गंभीर होने पर उसे बरेली रेफर कर दिया गया था। घर वाले उसे प्राइवेट अस्पताल ले गए। सात दिन तक इलाज चला मगर डॉक्टर उसे बचा नहीं पाए। शुक्रवार शाम रमेश ने दम तोड़ दिया। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए बरेली भेजा।
आखिर कब चेतेगा प्रशासन
11 मासूमों की मौत के बाद भी तहसील प्रशासन और नगर पालिका हरकत में नहीं आया है। जब-जब कुत्ते हमले करते हैं अफसर जोरशोर से अभियान चलाने की बात करते हैं मगर दो चार दिन बाद अभियान ठप हो जाता है। हालांकि दो सौ से ज्यादा आवारा कुत्तों की नसबंदी भी की गई मगर खुले में मांस के अवशेष फेंकने का काम बंद नहीं हुआ। घरों में अवैध रूप से स्लाटर हाउस चलाने का काम फिर से शुरू हो गया है। एसडीएम रामेश्वर नाथ तिवारी का कहना है कि फिर से आवारा कुत्तों को पकड़ने का अभियान चलाया जाएगा।