बरेली। लोगों को बरेली की ऐतिहासिकता से रूबरू कराने के लिए पुरानी जिला जेल में स्मार्ट सिटी परियोजना के तहत 7.56 करोड़ रुपये की लागत से शुरू किया गया लाइट एंड साउंड शो उपेक्षा के अंधकार में खो गया है। करीब एक साल पहले इसे जिला जेल से हटाकर डीडीपुरम स्थित फूड कोर्ट में लगाने का निर्णय लिया गया था, लेकिन अब तक शिफ्टिंग नहीं हो सकी। दो विभागों की खींचतान में साढ़े सात करोड़ का तमाशा फ्लॉप साबित हो रहा है।
पुरानी जिला जेल परिसर में सात दिसंबर 2022 को इसका शुभारंभ हुआ था। नगर निगम के अनुसार, जिला जेल के अधिकारियों की सहमति से ही खाली जमीन पर लाइट एंड साउंड शो स्थापित कराया गया था। करीब तीन साल तक यहां शो संचालित हुआ। बाद में जिला जेल के विस्तार की योजना के चलते इसे वहां से हटाने का फैसला लिया गया। इसके लिए डीडीपुरम स्थित फूड कोर्ट को चुना गया, लेकिन एक साल बाद भी सिस्टम वहां स्थापित नहीं हो पाया है। अब करोड़ों रुपये के उपकरणों के रखरखाव को लेकर भी सवाल खड़े हो रहे हैं।
अर्बन हाट में बगैर अनुमति के किया निर्माण तो बीडीए ने भेजा नोटिस
निगम की महत्वाकांक्षी परियोजना अर्बन हाट भी विवादों में है। इसे निजी कंपनी वैगमाइन सिटी मॉल प्राइवेट लिमिटेड को किराये पर दिया गया है। आरोप है कि कंपनी ने अनुमति लिए बिना ही भवन में तोड़फोड़ और बदलाव शुरू कर दिए। बरेली विकास प्राधिकरण (बीडीए) ने 12 अगस्त को इस मामले में नगर निगम को नोटिस दिया। इसके बाद निगम के अधिकारियों ने संबंधित फर्म को इसकी जानकारी दी। कंपनी की ओर से 24 अगस्त को बीडीए में कंपाउंडिंग के लिए आवेदन किया गया।
वर्जन
जिला कारागार के अधिकारियों से पूछकर ही वहां लाइट एंड साउंड शो बनवाया गया था। अब जेल का विस्तार किया जा रहा है, इसलिए इसे डीडीपुरम स्थित फूड कोर्ट में शिफ्ट किया जाएगा। इसे जल्दी ही वहां स्थापित करा दिया जाएगा। अर्बन हाट के नक्शे में बदलाव की अनुमति संबंधित कंपनी को ही लेनी है। निगम को केवल बढ़ा हुआ किराया लेना है। - संजीव कुमार मौर्य, नगर आयुक्त