गाजियाबाद से मुरादाबाद - बरेली होेते हुए लखनऊ के लिए ट्रेन अब 110 किलोमीटर की स्पीड से दौडेंगी। अब तक अधिकांश ट्रेनें 80 से 90 किलोमीटर घंटे की रफ्तार से दौड़ रहीं थीं। आरडीएसओ की टीम के स्तर से पटरी और सिग्नल में बदलाव तथा तकनीकी परीक्षण के बाद अब पटरियां तेज रफ्तार में ट्रेन दौड़ाने के लायक हो गईं हैं। रोजा और शाहजहांपुर के बीच भी तकनीक अपग्रेड करके स्पीड बढ़ाने का फैसला लिया है। यहां पर पहले से ही कासन लेकर कम स्पीड में ट्रेन चलाई जाती रहीं हैं।
मुरादाबाद के डीआरएम प्रमोद कुमार ने तकनीकी अधिकारियों की टीम के साथ स्पेशल ट्रेन से गाजियाबाद और लखनऊ के बीच ट्रैक का निरीक्षण किया था। निरीक्षण के दौरान उन्होंने स्पेशल ट्रेन 110 की स्पीड तक दौड़ाई, उस दौरान उनकी ट्रेन बिना किसी कंपन और झटके के दौड़ी। पिछले दिनों तक रोजा और शाहजहांपुर के बीच कासन लेकर ट्रेन को कम स्पीड में निकाला जाता था। अब ऐसी स्थिति नहीं रहेगी। ट्रेन इस स्थान पर भी अधिक स्पीड में दौड़ने की स्थिति में हो गईं हैं। जिसे आरडीएसओ तथा सिग्नल विभाग की तकनीकी टीम ने सही कर दिया है।
‘उत्तर रेलवे का ट्रेक गाजियाबाद से लेकर लखनऊ तक 110 की स्पीड में ट्रेन संचालित करने में सक्षम है। इसलिए जल्दी ही इस ट्रैक पर तेज रफ्तार में ट्रेन संचालित की जाएगी। इस बारे में रेलवे बोर्ड को प्रस्ताव भेज दिया गया है। पहले फेज में कुछ चुनिंदा ट्रेनों को तेज स्पीड में संचालित किया जाना है।’ प्रमोद कुमार, डीआरएम