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घर के पास खेल रही पांच साल की बच्ची को उठा ले गया बाघ

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बाघ के हमले में जख्मी बच्ची अपनी मां के साथ। - फोटो : अमर उजाला ब्यूरो, बरेली
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ग्रामीणों के शोर मचाने पर छोड़ा, देर रात बहेड़ी सीएचसी में इलाज के बाद डॉक्टरों ने घर भेजा
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वन विभाग के रेंजर बोले- तलाश करने को आज से चलाएंगे अभियान

बहेडी (बरेली)। जवाहरपुर गांव में शनिवार रात आठ बजे घर के पास खेल रही पांच साल की बच्ची को बाघ उठा ले गया। बच्ची के चीखने पर माता-पिता ने शोर मचाया तो ग्रामीण मशाल लेकर ड्रम और पीपे पीटते हुए बाघ के पीछे दौड़े तो करीब 300 मीटर आगे जाकर बाघ बच्ची को छोड़कर भाग गया। बच्ची को सीएचसी लाया गया। जहां इलाज के बाद उसे घर भेज दिया गया।
बहेड़ी तहसील के गांव जवाहरपुर के हरस्वरूप की पांच साल की बच्ची कविता घर के पास ही खेल रही थी। मां हरप्यारी आंगन में थी। तभी बाघ ने कविता की पीछे से गर्दन दबोच ली और जंगल की ओर ले भागा। कविता की चीख सुनकर माता-पिता बाहर दौड़े तो बाघ को बच्ची ले जाते देख चीख पडे़। शोर सुनकर गांववाले इकट्ठा हो गए। ग्रामीणों ने मशालें लेकर ड्रम और पीपे पीटते हुए पीछा किया तो 300 मीटर आगे जाकर बाघ बच्ची को छोड़कर भाग गया। बच्ची की गर्दन के पीछे बाघ के दांत गड़ गए थे। शरीर पर भी कई जगह पंजों से खरोंच के निशान थे। उसे इलाज के लिए सीएचसी लाया गया। जहां डॉक्टरों ने गर्दन पर सात टांके लगाए। मरहम-पट्टी और वैक्सीनेशन के बाद देर रात उसे घर भेज दिया गया। सीएचसी प्रभारी डॉ. जेपी मौर्या ने बताया कि बच्ची की हालत अब खतरे से बाहर है।
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उधर, घटना के बाद से ग्रामीणों में दहशत बनी हुई है। गांव में पुलिस भी तैैनात कर दी गई है।

बाघ के किसी इंसान पर हमले की इलाके में यह पहली घटना है। बाघ की लोकेशन ट्रेस करने के लिए आज से अभियान शुरू कर उसे बेहोश किया जाएगा। फिलहाल ग्रामीण रात में घर से बाहर न निकलें। बाघ हमेशा चुपके से वार करता है।

- रवींद्र सक्सेना, रेंजर वन विभाग बहेड़ी।
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