बरेली। भारतीय पशु चिकित्सा अनुसंधान संस्थान (आईवीआरआई) पहली बार नैक मूल्यांकन कराने जा रहा है। पिछले साल से चल रही तैयारियाें की परख आज से शुरू होगी। दो से चार जून तक टीम संस्थान में रहकर प्रस्तावित सेल्फ स्टडी रिपोर्ट में दर्ज दावों का भौतिक सत्यापन करेगी।
आईवीआरआई इज्जतनगर राष्ट्रीय मूल्यांकन एवं प्रत्यायन परिषद (नैक) मूल्यांकन के लिए बीते चार वर्ष से प्रयासरत है। बीते दिनों संस्थान ने सेल्फ स्टडी रिपोर्ट (एसएसआर) भेजी थी। संस्थान के दावों की हकीकत परखकर मूल्यांकन के लिए टीम का जनवरी 2025 के आखिरी सप्ताह में आने का कार्यक्रम प्रस्तावित था। किन्हीं वजहों से दौरा स्थगित हो गया। अब दो, तीन व चार जून को निरीक्षण का कार्यक्रम जारी होने पर सभी विभागों ने अपनी एकेडमिक, रिसर्च, प्रौद्योगिकी, नैदानिकी, उत्पाद आदि रिपोर्ट तैयार कर ली है।
बताते हैं कि टीम संस्थान के परिसर की हालत, इंफ्रास्ट्रक्चर, एकेडमिक गतिविधियां, लैब, पॉलीक्लीनिक, डियर पार्क, एनिमल फार्म, डिजिटल गतिविधि, शोध प्रोजेक्ट समेत कृषि विज्ञान केंद्र, सीएआरआई का भी निरीक्षण करेगी। इसके बाद संस्थान को सीजीपीए में अंक और फिर ग्रेड तय होगी।
एनआईआरएफ में आईवीआरआई को मिली है पांचवीं रैंक
केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय की ओर से बीते वर्ष अगस्त में जारी एनआईआरएफ रैंकिंग में भारतीय पशु चिकित्सा अनुसंधान संस्थान इज्जनगर को कृषि और संबद्ध क्षेत्रों में पांचवां स्थान मिला। जबकि बीते वर्ष छठे स्थान पर था। संस्थान निदेशक डॉ. त्रिवेणी दत्त के मुताबिक शैक्षिक गतिविधियों में बेहतर रैंकिंग मिलने से संस्थान में अध्ययन के लिए विद्यार्थियों में रुचि बढ़ती है। नए पाठ्यक्रम शुरू करने की पहल होती है। ब्यूरो