फतेहगंज पश्चिमी (बरेली)। साथी को अगवा करने वाले स्थानीय मेडिकल कॉलेज के एमबीबीएस तीसरी साल के छात्र दिल्ली निवासी दिविज को फतेहगंज पश्चिमी थाना पुलिस ने कोर्ट में पेश किया। कोर्ट ने उसे जेल भेज दिया। दिविज ने अपना कर्ज उतारने के लिए साथी के अपहरण करने की बात स्वीकार की। उससे पूछताछ के बाद स्थानीय बदमाशों की तलाश की जा रही है।
थाना प्रभारी अभिषेक सिंह ने बताया कि महाराष्ट्र के जिला अहिल्या नगर के कस्बा सोनई निवासी गौरव बरपे स्थानीय निजी मेडिकल कॉलेज में एमबीबीएस तीसरी वर्ष का छात्र है। दिल्ली के थाना विजय विहार के शहर रोहिणी निवासी दिविज उसका सहपाठी है। दिविज ने पुलिस को बताया है कि उसके ऊपर काफी कर्ज हो गया था। साथी गौरव के खाते में एक करोड़ रुपये होने की चर्चा कॉलेज में थी। दिविज ने गौरव का अपहरण कर उसके खाते से रकम हड़पने की योजना बना ली। इसमें दिविज ने अपने दोस्त कैब चालक आकाश व स्थानीय बदमाश सोनू को साथ लिया। सात नवंबर को योजना फ्लॉप हो गई। तब नौ नवंबर को दिविज ने अपना, गौरव व दूसरे साथी गौरवेंद्र का इन लोगों से अपहरण करवा दिया। खेतों में कार से ले जाकर आरोपियों ने धमकाकर गौरव बरपे से यूपीआई नंबर लिया और उसके खाते से 59 हजार रुपये दिविज ने अपने खाते में ट्रांसफर कर लिए। जब खाते में और रुपये नहीं मिले तब गौरव के पिता से फिरौती मांगी गई। संवाद
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सोनू की गिरफ्तारी के बाद होगी अन्य आरोपियों की पहचान
थाना प्रभारी अभिषेक कुमार ने बताया कि सूचना पर जब पुलिस हरकत में आई तो खुद को घिरते देख सोनू व आकाश तीनों को झुमका चौराहे पर छोड़कर भाग गए। पीछे लगी पुलिस तीनों को थाना ले आई। पूछताछ में अपहरण की जो कहानी सामने आई, उसमें गौरवेंद्र का कोई रोल नहीं मिला। घटना का असली मास्टरमाइंड दिविज ही निकला। पुलिस ने बृहस्पतिवार को उसे कोर्ट में पेश किया, वहां से उसे जेल भेज दिया गया। हालांकि सोनू की गिरफ्तारी न होने से घटनाक्रम में मददगार अन्य आरोपियों की जानकारी नहीं मिल पा रही है। सोनू की जल्द गिरफ्तारी करके अन्य आरोपियों की पहचान की जाएगी।